कमलनाथ ने कहा- राजनीतिक जीवन में मुझे कोई दबा नहीं पाया

पिता-पुत्र ने भरा नामांकन, छिंदवाड़ा में किया रोड शो, कहा जनता को हमेशा अपना परिवार माना
छिंदवाड़ा, 9 अप्रैल।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नाथ ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रिटर्निंग अफसर अनुराग सक्सेना के समक्ष अपना नामांकन पत्र जमा किया। कमलनाथ द्वारा नामांकन भरने के बाद कांग्रेस के युवा नेता नकुल नाथ ने लोकसभा संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन जमा किया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा को अपना नामांकन दिया। छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र का लगभग 40 साल कमलनाथ प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहां से आज उनके पुत्र नकुल नाथ ने नामांकन दाखिल किया। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट का इतिहास आजादी के बाद कांग्रेस का ही रहा है। कमलनाथ के विधानसभा उपचुनाव लडऩे की सूरत में खाली हुई छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने उनके बेटे नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है। आज दोनों एक साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। नामांकन दाखिल करते वक्त पूर्व विधायक दीपक सक्सेना समेत चार लोग बतौर प्रस्तावक मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ मौजूद थे। वहीं बेटे नकुलनाथ के प्रस्तावकों के तौर पर पूर्व विधायक जतन उइके के अलावा चार अन्य लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी अलका नाथ भी मौजूद रहीं।
छिंदवाड़ा मॉडल ने कमलनाथ को अजेय बनाया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमेशा छिंदवाड़ा को अपना परिवार माना और वहां की जनता ने उन्हें पालनहार के रूप में देखा। उन्होंने छिंदवाड़ा के विकास की जो व्यूह रचना रची, आज वही मॉडल प्रदेश का विकास मॉडल बन गया। कमलनाथ का अपने क्षेत्र के प्रति इतनी आत्मीयता और लगाव था कि उन्होंने वहां जो काम आम लोगों और क्षेत्र के विकास के लिए किए। वह काम छिंदवाड़ा मॉडल के रूप में उभर कर सामने आए। मुख्यमंत्री ने पिछले 40 साल में यहां पर कई ऐसे संस्थान स्थापित करवाए, जो वहां के युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम और छिंदवाड़ा की प्रगति का आधार बने जैसे-अपैरल ट्रेनिंग एण्ड डिजाइन सेंटर-छिंदवाड़ा जिले में मलीखेड़ा, अमरवाड़ा, पाण्ढुर्ना, हर्रई, परासिया जैसे कई स्थानों में संचालित हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आयकर विभाग की छापेमारी के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले 3 दिनों से कमलनाथ को कैसे दबाया जाए, इसका प्रयास किया गया। लेकिन मेरे आज तक के राजनीतिक जीवन में मुझे कोई दबा नहीं पाया। यह मुद्दों से भटकाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिनके यहां से नोट मिले हैं, उनके बीजेपी से कनेक्शन सामने आए हैं। यह सब केंद्रीय एजेंसियों के हथकंडे हैं और दबाव बनाने का प्रयास। लेकिन हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, हम डरने व दबने वाले नहीं हैं। हम आज भी कह रहे हैं कि 5 साल के घोषणा पत्र का हिसाब दो। विकास के मुद्दों पर जवाब दो। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की विघटनकारी नीतियां राष्ट्र के विकास में बाधक हैं। वे अपने पांच सालों की उपलब्धियों का तो जवाब नहीं दे रहे हैं, उलटे हमसे प्रश्न पूछ रहे हैं। आगामी 23 मई को प्रदेश और देश की जनता भाजपा और इसके पाखंडी नेताओं को जवाब देगी।
130 अभ्यर्थियों के 180 नामांकन प्राप्त: भोपाल, 9 अप्रैल। लोकसभा निर्वाचन-2019 के चौथे चरण के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 6 लोकसभा क्षेत्र सीधी, शहडोल, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट एवं छिन्दवाड़ा में 9 अप्रैल को 74 अभ्यर्थियों द्वारा 97 नामांकन प्रस्तुत किये गये। इन क्षेत्रों में निर्वाचन के लिये अधिसूचना विगत 2 अप्रैल, 2019 को जारी की गई थी। नामांकन की प्रक्रिया आरंभ होने से 9 अप्रैल तक लोकसभा क्षेत्र सीधी में 27 अभ्यर्थियों द्वारा 33 नामांकन, शहडोल में 14 अभ्यर्थियों द्वारा 21, जबलपुर में 27 अभ्यर्थियों द्वारा 34, मण्डला में 14 अभ्यर्थियों द्वारा 27, बालाघाट में 25 अभ्यर्थियों द्वारा 34 और छिंदवाड़ा में 23 अभ्यर्थियों द्वारा 31 नामांकन-पत्र दाखिल किये गये हैं।
छिन्दवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए 23 नामांकन प्राप्त: छिन्दवाड़ा विधानसभा उपचुनाव-2019 के लिये अब तक 17 अभ्यर्थियों ने 23 नामांकन-पत्र प्रस्तुत किये हैं। आठ अभ्यर्थियों ने 9 अप्रैल को 12 नामांकन प्रस्तुत किये। इसके पूर्व अधिसूचना जारी होने के दिनांक 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक 9 अभ्यर्थियों ने 11 नामांकन प्रस्तुत किये।
एक्जिट पोल 19 मई तक प्रतिबंधित: भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा निर्वाचन एवं विधानसभा उप निर्वाचन-2019 के लिए 11 अप्रैल प्रात: 7 बजे से 19 मई 2019 सायं 6.30 बजे तक किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के संचालन और प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार तथा प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मतदान समाप्ति के लिये नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले का, किसी भी ओपीनियन पोल या अन्य किसी पोल सर्वे के परिणामों सहित, प्रदर्शन किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से करने पर प्रतिबंध रहेगा।