ये विश्वास या अति आत्मविश्वास


कहते हैं किसी भी चीज में विश्वास होना मुफीद होता है लेकिन वही यदि अति आत्मविश्वास में तब्दील हो जाए तो कभी-कभी नुकसान भी कर जाता है। राजधानी से चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के समर्थकों को लेकर कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों देखने को मिल रहा है, कार्यकर्ता अति आत्मविश्वास से लबरेज हैं और इस वजह से धरातल पर पांव रखकर चलना भी नहीं चाहते। दरअसल उम्मीदवार को लेकर जबरदस्त हाइप क्रियेट कर दिया गया है और यही वजह है कि मीडिया भी हर पल को लाइव करने को आमादा है। लेकिन प्रत्याशी का चुनावी प्रबंधन संभाल रहे लोगों को ऐसा लगता है जैसे मीडिया को कबरेज देना शायद उनकी मजबूरी है। यही वजह है कि अब प्रत्याशी के मीडिया मैनेजमेंट की टीम अति आत्मविश्वास में खोती चली जा रही है। … खबरची