चुनाव चिन्ह बना गले की फांस


लोकतंत्र का महोत्सव चल रहा है। नियम-कायदों का कड़ाई से पालन हो, इसके लिए सरकारी मुलाजिमों को हर रोज बुद्धिवर्धक घुट्टी पिलाई जा रही है। भोपाल सीट पर भी वो सारी कोशिशें की जा रही हैं, जिससे फ्री एंड फेयर इलेक्शन हो। लेकिन एक चुनाव चिन्ह गले की फांस बन गया लगता है। दरअसल, आयोग का निर्देश है कि किसी भी चुनाव चिन्ह का प्रदर्शन मतदान केंद्र से 100 मीटर के दायरे में नहीं होना चाहिए। भोपाल में कर्मचारियों के प्रशिक्षण में एक बीएलओ ने ऐसा प्रश्न उठाया कि सभी निरुत्तर हो गए। दरअसल, कर्मचारी ने बताया कि भोपाल के उम्मीदवार को चुनाव चिन्ह चप्पल मिला है, तो इस सम्बन्ध में मतदाताओं को लेकर आयोग के क्या दिशा निर्देश होंगे? क्या मतदाताओं को 100 मीटर दूर चप्पल उतारना होगा। इस पर प्रशिक्षण देने वाले साहब भी चुप हो गए और बोले अपने विवेक से काम कर लें। अब चुनाव जैसे मामले में स्वविवेक क्या होता है? अभी भी साहब हल ढूंढ रहे हैं। … खबरची