साध्वी प्रज्ञा ने धारण किया 21 पहर का व्रत

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भोपाल, 20 मई।
भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए अपने विवादित बयानों को लेकर माफी मांगी है। साध्वी ने ट्वीट कर कहा कि चुनावी ‘प्रक्रियाओं के बाद अब समय है चिंतन मनन का, इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची है तो मैं क्षमाप्रार्थी हूंÓ यहीं नहीं साध्वी ने सार्वजनिक जीवन की मर्यादा की बात कह प्रायश्चित के लिए 21 पहर के लिए मौन साधने की बात भी कही है। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोमवार सुबह से 21 पहर (63 घंटे) का मौन व्रत धारण किया है। साध्वी की एक सहयोगी ने मीडिया को बताया कि साध्वी जी ने आज सुबह से 21 पहर का मौन व्रत धारण किया है। साध्वी प्रज्ञा ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि उन्होंने मुम्बई एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को श्राप दिया था। इसके एक माह बाद आतंकवादियों की गोलियों से उनकी मौत हो गयी।
साध्वी प्रज्ञा ने यह भी बयान दिया कि अध्योध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन के दौरान बाबरी ढांचा ढहाने में शामिल होने पर उन्हें गर्व है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा था। साध्वी के इस बयान के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी स्पष्टीकरण देना पड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो यह तक कहा था कि मैं साध्वी प्रज्ञा को कभी भी मन से माफ नहीं कर पाऊंगा। इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान को वापस लेते हुए माफी मांगनी थी।

प्रज्ञा ठाकुर का मौनव्रत केवल घडिय़ाली आंसू
मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा ने आज जारी अपने बयान में कहा कि भोपाल की भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा अपने विवादित बयानों के लिए प्रायश्चित कर 21 पहर तक मौनव्रत करने की बात केवल घडिय़ाली आंसू और एक ऐसा दिखावा है, जिस पर प्रदेश और देश की जनता विश्वास नहीं करती। ओझा ने कहा कि ये उसी विचारधारा के लोग हैं जिसने न केवल गांधीजी की हत्या की, बल्कि तिरंगे और शहीदों का भी समय-समय पर अपमान किया है।