हम हमेशा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार: कमलनाथ

पिछले 5 महीनों में हमने 4 बार अपना बहुमत साबित किया

भोपाल, 20 मई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि विपक्षी नेता मुझे फोन करके कह देते कि हमें बहुमत साबित करना है, मैं इनका स्वागत करता। इन्हें पत्र लिखने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। हमारे पास बहुमत है, हमें कोई परेशानी नहीं। हम हमेशा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं। एग्जिट पोल आने के बाद मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं के द्वारा दिए जा रहे बयानों के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह बीजेपी के मनोरंजन के एग्जिट पोल हैं। इसमें हकीकत, सच्चाई, जमीनी वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। मैंने बाकी नेताओं से बात की है, अन्य प्रदेशों के नेताओं से बात की, कोई भी इससे सहमत नहीं है। यह तो 3 दिन की बात है। परिणाम सामने आएंगे, सच्चाई सामने आ जाएगी। इसका हकीकत से कोई संबंध नहीं है। सभी ऐसे समझ रहे हैं, जैसे एग्जिट पोल यानि परिणाम सामने आ गया। 23 तारीख को भाजपा की पोल खुलेगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझे विश्वास है अच्छे परिणाम आएंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ ही नहीं, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी सभी दूर अच्छे परिणाम आएंगे। यह फ्लोर टेस्ट की बात पहले दिन से कर रहे थे। पिछले 5 महीनों में हमने 4 बार अपना बहुमत साबित किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की बात हो, उपाध्यक्ष के चुनाव की बात हो, अनुपूरक बजट की बात हो या बजट की बात हो, हमने अपना बहुमत हमेशा साबित किया है। हमें कोई प्रॉब्लम नहीं, यह तड़प रहे हैं क्योंकि यह सोचते हैं इनका खुलासा होने वाला है। जो उन्होंने 15 वर्ष में भ्रष्टाचार किया है, घोटाले किए हैं। उसके खुलासे से बचने के लिए यह इस तरह का प्रयास कर रहे हैं कि वर्तमान सरकार को डिस्टर्ब किया जाए। यह तो मुझे फोन करके कह देते कि हमें बहुमत साबित करना है, मैं इनका स्वागत करता। इन्हें पत्र लिखने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। हमारे पास बहुमत है, हमें कोई परेशानी नहीं। परेशानी इनको है, क्योंकि उनके पास बहुमत नहीं है। यह जानते हैं कि अब सारे खुलासे होंगे। ब्लॉक से लेकर, जिला से लेकर भोपाल तक हर क्षेत्र में इनके खुलासे सामने आएंगे। हम हमेशा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।
भाजपा का बयान सूत न कपास जुलाहों में लम ल
मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को नसीहत, कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का न सोचें बीजेपी नेता, गोपाल भार्गव आप बड़ी मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष बन पाए हैं, अब विपक्ष की अच्छी भूमिका निभाइए, मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ सारे विधायक चट्टान की तरह खड़े हैं, बीजेपी नेताओं का बयान, उस कहावत की तरह सूत न कपास जुलाहों में लम ला।

कमलनाथ सरकार ने 4 बार विश्वास मत प्राप्त कर लिया है: सुरेश पचौरी
कल लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम आने के पहले एग्जिट पोल के आते ही मध्यप्रदेश की भाजपा ने अतिउत्साह में मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को अल्पमत में आने का दावा ठोंकते हुए राज्यपाल से मिलकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के हकीकत से कोई संबंध नहीं है। सभी ऐसे समझ रहे हैं, जैसे एग्जिट पोल यानि परिणाम सामने आ गया। 23 तारीख को भाजपा की पोल खुलेगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझे विश्वास है अच्छे परिणाम आएंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ ही नहीं, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी सभी दूर अच्छे परिणाम आएंगे। यह फ्लोर टेस्ट की बात पहले दिन से कर रहे थे। पिछले 5 महीनों में हमने 4 बार अपना बहुमत साबित किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की बात हो, उपाध्यक्ष के चुनाव की बात हो, अनुपूरक बजट की बात हो या बजट की बात हो, हमने अपना बहुमत हमेशा साबित किया है। हमें कोई प्रॉब्लम नहीं, यह तड़प रहे हैं क्योंकि यह सोचते हैं इनका खुलासा होने वाला है। जो उन्होंने 15 वर्ष में भ्रष्टाचार किया है, घोटाले किए हैं। उसके खुलासे से बचने के लिए यह इस तरह का प्रयास कर रहे हैं कि वर्तमान सरकार को डिस्टर्ब किया जाए। यह तो मुझे फोन करके कह देते कि हमें बहुमत साबित करना है, मैं इनका स्वागत करता। इन्हें पत्र लिखने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। हमारे पास बहुमत है, हमें कोई परेशानी नहीं। परेशानी इनको है, क्योंकि उनके पास बहुमत नहीं है। यह जानते हैं कि अब सारे खुलासे होंगे। ब्लॉक से लेकर, जिला से लेकर भोपाल तक हर क्षेत्र में इनके खुलासे सामने आएंगे। हम हमेशा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।
नेतृत्व में यह मांग करने में देर नहीं लगाई कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट फिर से कराया जाए, ताकि जनता को यह पता चले कि अब कांग्रेस बहुमत में नहीं है। भाजपा के इस कदम को पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा लोकसभा में मध्यप्रदेश कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे सुरेश पचौरी ने निहायत अपरिपक्व और हल्के स्तर की राजनीति की संज्ञा दी है। पचौरी ने कहा है कि कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट 4 बार हो चुका है, जिसमें उन्होंने बहुमत और विश्वास मत दोनों हासिल कर लिया है। सुरेश पचौरी ने कहा कि पहली बार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में, दूसरी बार उपाध्यक्ष के चुनाव में, तीसरी और चौथी बार डिवीजन के माध्यम से कमलनाथ सरकार को बहुमत और विश्वास मत दोनों हासिल है। उन्होंने कहा यदि गोपाल भार्गव किसी विशेष मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं तो उसकी एक संसदीय प्रक्रिया है, जिसका पालन करते हुए विशेष सत्र बुलाया भी जा सकता है और उसमें बहस करने के लिए कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है।
ठीक इसी तरह मुख्यमंत्री कमलनाथ के हवाले से मीडिया विभाग की प्रमुख श्रीमती शोभा ओझा ने कहा है कि प्रदेश के विकास में विपक्ष अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए, इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने भी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की मांग को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी विषय पर बहस के लिए तैयार है और उनकी सरकार बहुमत में है जिसे किसी भी कीमत में कोई भी गिरा नहीं सकता। एग्जिट पोल के परिणाम से भाजपा में और कांग्रेस में इस बात की होड़ शुरू हो गई है कि यदि भाजपा ने गलत तरीके से दबाव बनाया और हार्स ट्रेडिंग करने की कोशिश की तो इसके लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। दूसरी ओर भाजपा के बड़े नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई विधायक लक्ष्मण सिंह से संपर्क करने की कोशिशों को जारी रखा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के भी कुछ विधायक मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रह चुके अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के संपर्क में हैं। राजनीतिक उठापटक की यह स्थिति मध्यप्रदेश को कहां ले जाएगी, यह भविष्य के गर्भ में है, परंतु लोकतंत्र की मर्यादा का यदि पालन किया जाएगा तो कमलनाथ मुख्यमंत्री के रूप में बिना दबाव के भी अच्छा परिणाम दे सकेंगे, ऐसा माना जा रहा है। लेकिन यदि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा लिया तो मध्यप्रदेश जिसे शांति का टापू कहा जाता है, फिर से एक बार कुरूक्षेत्र में बदल जाएगा।