मुख्यमंत्री ने प्रजापति को दी Y+ सुरक्षा


गृहमंत्री बाला बच्च्न की अध्यक्षता में सुरक्षा समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष के सुरक्षा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया फिर

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति की सुरक्षा को लेकर मचा हुआ बवाल आज थम गया है। गृह मंत्री बाला बच्चन ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा के मामले में 2019 लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन उनके निवास से सुरक्षा व्यवस्था को हटाए जाने को लेकर अध्यक्ष ने गृह विभाग को पत्र लिखकर जो नाराजगी जाहिर की थी उसका निराकरण हो गया है। उन्होंने बताया कि आज उच्चस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति की सुरक्षा बढ़ाई जाए। समिति के प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से जब विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा की श्रेणी को अपग्रेड करने की बात रखी गई तो उन्होंने सदशयता पूर्वक यह निर्णय किया कि पद की गरिमा को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा ङ्घ+ श्रेणी की रखी जाए। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद देर शाम गृह मंत्रालय से आदेश भी जारी हो गए और विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा में पहली बार मध्यप्रदेश के इतिहास में उन्हें अद्भुत सुरक्षा प्रदान की गई। वैसे देश की सुरक्षा कानूनों में किस श्रेणी की सुरक्षा विधानसभा अध्यक्ष को मिलनी चाहिए इस विषय पर जब गृहमंत्री से हमने पूछा तो उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पहले दूसरे नंबर पर आते हैं जबकि विधानसभा अध्यक्ष मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समकक्ष हैं और उनकी सुरक्षा मुख्य न्यायाधीश की सुरक्षा के अनुरूप हो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। जब उनको बताया गया कि किसी राज्य में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अपने स्वयं की सुरक्षा को लेकर्र Z+ श्रेणी का सुरक्षा उपलब्ध होने का आदेश जारी किया तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया। केंद्र सरकार की अधिसूचना में भी विधानसभा अध्यक्ष यदि 12वें नंबर पर आते हैं तो उन्र्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी जा सकती है तो क्यों नहीं दी गई। इस सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि Y + श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था मध्यप्रदेश के इतिहास में किसी विधानसभा अध्यक्ष को पहली बार दी जा रही है। इसके पहले स्व. श्रीनिवास तिवारी को ङ्घ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध थी। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने सुरक्षा के जानकारों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि ङ्घ+ श्रेणी की सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन यदि गृह मंत्री की मानें तो उनका कहना है कि Y+ श्रेणी की सुरक्र्षा ं के बराबर ही है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 8-8 घंटे की ड्यूटी 6 पीएसओ और 1-4 की गार्ड तथा फालो स्कवाड हमेशा उपलब्ध रहेगा। उधर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से इस निर्णय को लेकर राष्ट्रीय हिन्दी मेल ने जब बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री को और गृहमंत्री को उपरोक्त फैसले के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं लेकिन उन्हें संतुष्टि तब मिलेगी जब जिस अधिकारी के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था हटाई गई थी सरकार उसके खिलाफ भी कार्रवाई करे।