तीन आईएएस बच गए, एक छोटा अधिकारी फंस गया…


1998 अविभाजित मध्यप्रदेश की बस्तर जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में 200 शिक्षा कर्मियों की भर्ती का मामल फिर से जाग उठा है। उपरोक्त मामले में लोकायुक्त मध्यप्रदेश के पास गंभीर अनियमितता की शिकायत हुई, जांच चल रही थी और इसी बीच मध्यप्रदेश राज्य का विभाजन हो गया। बस्तर के तत्कालीन कलेक्टर प्रवीरकृष्ण ने लोकायुक्त को चिट्टी भेजकर क्लीन चिट दे दी और 9 आरोपियों में से 3 आईएएस अधिकारी बच गए, 5 बहाल हो गए और एक बेचारा गरीब चूंकि वह सामान्य प्रशासन के सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव का भाई है, फंस गया। संजय वाष्र्णेय नामक इस प्राणी ने मुख्यमंत्री को शपथ देकर अपनी पीड़ा जताई है, लेकिन विभाग की प्रमुख सचिव कहती हैं कि बहाल नहीं करूँगी, चाहे जो हो जाए। सूत्र बताते हैं कि प्रमुख सचिव ने विधानसभा अध्यक्ष से भी झूठ बोला और कहा कि संजय वाष्र्णेय समिति में सचिव था इसलिए यह जिम्मेदार था हमने बहाल नहीं किया। अब आप भी बताइये प्रवीरकृष्ण ने जब उपरोक्त मामले में फेयर गेम की चि_ी लिख दी तो संजय वाष्र्णेय को जो सचिव नहीं था, ऐसा शपथ पत्र देने के बाद बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर सस्पेंस है कि कहीं विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी को कुछ चाहिए तो नहीं, और नहीं चाहिए तो बेचारे गरीब को भी बहाल होना चाहिए… खबरची