महिलाओं के विरुद्ध अपराध में 5.51 प्रतिशत की कमी: बाला बच्चन


भोपाल, 3 जून। प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक प्रकरणों में 5.51 प्रतिशत की गिरावट हुई है। रेप के प्रकरणों में वर्ष 2018 के मुकाबले वर्ष 2019 में 3.05 गिरावट आई। गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन की अध्यक्षता में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की उच्च-स्तरीय बैठक में यह जानकारी दी गयी। गृह मंत्री बच्चन ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था को हमेशा सुदृढ़ बनाये रखें। इसमें कसावट बनी रहे। महिलाओं के विरुद्ध अपराध के प्रति पुलिस संवेदनशील रहे। बच्चन ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार पर भी ध्यान देने को कहा। बताया गया कि प्रदेश में सामान्य अपराध में भी कुल 5.35 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या में 2.75, हत्या के प्रयास में 9.56, डकैती में 78.13, लूट में 16.16, चोरी में 6.07, नकबजनी में 4.48, यौन-प्रताडऩा/ छेड़छाड़ में 18.86, बलवा में 40.69 और अन्य में 4.94 प्रतिशत गिरावट हुई है। बताया गया कि जनवरी से अप्रैल माह तक 5 प्रकरणों में मृत्युदंड की सजा हुई है, जिनमें महिलाओं के विरुद्ध अपराध के 4 प्रकरण शामिल हैं। कुल 1107 प्रकरणों में सजा हुई है और 100 अपराधियों को आजीवन कारावास हुआ है।
बताया गया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की प्रभावी मॉनीटरिंग की जा रही है। किसी भी प्रकार की घटना पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए पुलिस अलर्ट है। बैठक में डीएनए लैब और महिला पुलिस कर्मियों के लिए थानों में शौचालयों के निर्माण के संबंध में भी चर्चा हुई। बताया गया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। इस वर्ष विभिन्न धर्मावलंबियों के त्यौहार शांतिपूर्वक सम्पन्न हुए हैं। विभिन्न आंदोलनों के दौरान भी कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रही। जानकारी दी गयी कि प्रदेश में चार चरणों में लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न हुए। चुनाव में 96 सीआरपीएफ कम्पनी, 107 कम्पनी एसएएफ, 73 हजार 925 पुलिस कर्मी एवं होमगार्ड सहित कुल 92 हजार का पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान 77,183 गैर-जमानती वारंट तामील किये गए। तीन लाख 57 हजार 910 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। सात लाख 66 हजार 27 लीटर अवैध शराब और 9,250 अवैध हथियार जप्त किये गये। बैठक में प्रमुख सचिव गृह एस.एन.मिश्रा, पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह, एडीजी सीआईडी राजीव टंडन, एडीजी (गुप्तवार्ता) कैलाश मकवाना, एडीजी महिला अपराध अन्वेष मंगलम् और आईजी कानून-व्यवस्था योगेश चौधरी उपस्थित थे।