मुख्यमंत्री बताएं प्रदेश की सरप्लस बिजली का क्या किया: भार्गव

भोपाल, 3 जून। मध्यप्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश सरकार हमला बोला है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को बताना चाहिए कि जनता को 24 घंटे मिलने वाली बिजली का उन्होंने क्या किया?
वे कहते हैं कि बिजली कर्मचारी सहयोग नहीं कर रहे हैं, यह कहकर प्रदेश सरकार अपनी अक्षमता नहीं छुपा सकती। भार्गव ने कहा है कि ऐसी अक्षम सरकार को प्रदेश में बने रहने का हक नहीं है। उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मध्यप्रदेश बिजली में सरप्लस रही लेकिन कांग्रेस सरकार बनते ही विद्युत कटौती शुरू हो गयी।
भाजपा सरकार में प्रदेश को बिजली में बनाया सरप्लस
नेता प्रतिपक्ष ने कहा भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पिछले 15 वर्षों में कभी भी प्रदेश में विद्युत कटौती नहीं रही। लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही अघोषित विद्युत कटौती शुरू हो गयी है। प्रदेश भर में जन-जीवन अस्त-व्यस्त है, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप्प है। उन्होंने कहा प्रदेश में 2003 से जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो दिग्विजय सिंह से हमें विरासत में अँधेरा मिला। दिग्विजय कार्यकाल में बिजली उत्पादन 2 हजार 900 मेगावाट था, जिसे भाजपा सरकार ने 15 वर्षो में 18 हजार 500 मेगावाट तक बढ़ाकर प्रदेश को बिजली में सरप्लस राज्य बनाया।
बिजली कटौती को लेकर सरकार का तर्क हास्यास्पद: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ बिजली कर्मचारियों के असहयोग करने का जो तर्क देते हैं, वह हास्यास्पद है। उन्होंने नेता कहा कि अगर कर्मचारी सरकार की नहीं सुन रहे हैं तो यह सरकार की अक्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनता को बिजली-पानी तक उपलब्ध न कराने वाली अक्षम सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।