बिजली कटौती पर मुख्यमंत्री गंभीर


भोपाल, 3 जून। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और अनावश्यक कटौती न किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरप्लस बिजली होने के बाद भी बिजली कटौती होना गंभीर है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए जवाबदेह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बगैर किसी वैध कारण के बिजली गुल होने पर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि तकनीकी खामी/फाल्ट होने से बिजली गुल प्रस्तावित निवेश समिट के स्वरूप और तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ निवेश संबंधी योजनाएँ बनाने और प्रचार के लिये सम्मेलन या समिट करने की रस्म अदायगी करना काफी नहीं है। इसमें राज्य के धन और अधिकारियों के कीमती समय तथा ऊर्जा के समुचित उपयोग और परिणाम पर ध्यान देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक सम्मेलन से पहले भी संवाद सत्रों का आयोजन कर प्रामाणिक निवेशकों की पहचान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि निवेश के नए क्षेत्रों, जैसे फार्मास्युटिकल रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को भी ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी के नये दौर में निवेशकों की बदली हुई प्राथमिकताओं का ध्यान भी रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश का अनुमान लगाने के बजाय ठोस धरातल पर बात कर आगे बढऩा होगा। बताया गया कि पिछली कई इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों ने जितनी राशि के निवेश का वादा किया था, उतना निवेश नहीं आया। बड़े निवेश का दावा करने वाले कुछ निवेशक समूह तो दीवालिया होने की स्थिति में पहुँच गये। अगंभीर निवेशकों से संवाद समय और धन की बर्बादी है।
बैठक में वित्त मंत्री तरूण भानोट, मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वित्त अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन के.के. सिंह, प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा और संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

प्रामाणिक रूचि वाले निवेशकों से करें चर्चा

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियों के चलते वास्तविक और संभावनाशील ऐसे निवेशकों से संवाद किया जाए, जो मध्यप्रदेश में निवेश में प्रामाणिक रूचि दिखाएं। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में आगामी अक्टूबर माह में होने के अलावा अगर बिजली बगैर किसी कारण बंद रहती है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली किसानों और आम जनता से जुड़ी एक अनिवार्य सुविधा है। बिजली महकमे से जुड़े हर स्तर के अधिकारी और कर्मचारियों को इस नागरिक सुविधा को हर स्थिति में सुचारू और बहाल रखने के लिए अथक प्रयास और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को 24 घंटे और कृषि कार्य के लिए 10 घंटे निरंतर बिजली का प्रदाय सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री नाथ ने निर्देश दिए कि बिजली उपलब्धता में आने वाली किसी भी तकनीकी खराबी और फाल्ट में त्वरित गति से सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायत व्यवस्था को भी दुरुस्त करने को कहा ताकि लोगों के शिकायत संबंधी फोन सुने जा सकें और उनका निराकरण तत्काल हो सके। मुख्यमंत्री ने बारिश के पूर्व होने वाले मेंटेनेंस के लिए बिजली कटौती का समय इस तरह निर्धारित करने को कहा जिससे आम जनता को कोई परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मेंटेनेंस कार्य के लिये बिजली कटौती की सूचना पर्याप्त समय पूर्व आम जनता को मिलना सुनिश्चित किया जाए।