मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी और प्रशासनिक व्यय बढ़ाने की मांग


ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने केन्द्रीय मंत्री तोमर से की भेंट

प्रधानमंत्री आवास में राज्य को दिया जाए विवेकाधिकार कोटा

नई दिल्ली, 6 जून। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय पंचायत राज, ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से भेंट की। उन्होंने मनरेगा में मजदूरी की दर में वृद्धि, प्रशासनिक 6 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत, सामुदायिक स्वच्छता परिसर की राशि 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख और मनरेगा में वाटर कन्जर्वेशन कार्य में फण्ड प्रदान करने जैसे अहम् मुद्दों पर चर्चा की। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने चर्चा के सभी बिन्दुओं पर विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी की दर 174 रुपये प्रति मानव दिवस से बढ़ाकर न्यूनतम कृषि मजदूरी दर के बराबर 205 रुपये प्रति मानव करने की माँग की। पटेल ने कहा कि मनरेगा में स्थानीय माँग के अनुसार नई गतिविधियाँ जोडऩे का अधिकार राज्य सरकारों को प्रदान किया जाये। उन्होंने मनरेगा की राशि समय पर जारी करने और बुंदेलखण्ड, निमाड़ तथा विंध्य प्रदेश में पानी की समस्या को देखते हुए फण्ड की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बात भी केन्द्रीय मंत्री से कही।
पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम-सड़क योजना में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ग्रामों और बसाहटों को शामिल किये जाने, कृषि विभाग की पॉली-हाउस, ड्रिप इरीगेशन, स्प्रिंकलर आदि योजनाओं में महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को 50 प्रतिशत भागीदारी दी जाने की भी माँग की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में ऐसे गरीब हितग्राही, जो प्रदेश में सर्वे से छूट गये हैं, को योजना से जोडऩे के लिये, प्रदेश को एक या दो प्रतिशत विवेकाधिकार कोटा प्रदान करने का भी अनुरोध किया।