खनिज उत्खनन की 20 बड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार मंजूरी दे: कमलनाथ


मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर दी बधाई, मोदी ने कहा – साथ मिलकर काम करेंगे

नई दिल्ली (ब्यूरो), 6 जून। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से केन्द्र में प्रदेश हित की लंबित विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति प्रदान करने व इससे जुड़ी राशि को जारी करने को लेकर विस्तार से चर्चा की। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से कहा साथ मिलकर विकास का काम करेंगे आप निश्चिंत रहिए और मुस्$कुराकर हर चुनौती का सामना कीजिये।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बिना पल गवाये प्रधानमंत्री से अपने राज्य के हित में जो कुछ जरूरी है वह सब बाते कर डाली। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि मध्य प्रदेश में खनिज उत्खनन से संबंधित लगभग 20 बड़ी परियोजनाएं, जो विभिन्न अनुमतियों के लिए भारत सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित हैं, यदि उसे शीघ्र अनुमतियां मिल जाती है तो प्रदेश को काफी अधिक मात्रा में राजस्व आय की प्राप्ति होगी। भारत सरकार द्वारा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रदेश में गेहूं उपार्जन पर वर्तमान में 67.25 लाख मीट्रिक टन की लिमिट तय की है, जबकि भारत सरकार द्वारा माह फरवरी में 75 लाख मीट्रिक टन की लिमिट स्वीकृत की थी। यह लिमिट 4 वर्ष पुराने उपार्जन के आंकड़ों के आधार पर तय की गयी थी। मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन की लिमिट 75 लाख मीट्रिक टन करने हेतु मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस अवसर पर आग्रह किया। प्रदेश के बुन्देलखंड एवं निमाड़ जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में वर्षा न होने के कारण किसानों एवं अन्य निवासियों को रोजगार हेतु शहर से बाहर पलायन करना पड़ रहा है। इस पलायन को रोकने एवं क्षेत्र के निवासियों को पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के अंतर्गत भारत शासन से पर्याप्त सहायता का आग्रह किया। मनरेगा के अंतर्गत अभी तक स्वीकृत श्रमिक बजट हर वर्ष जनवरी से पूर्व समाप्त हो जाता है। इस कारण 3 से 4 महीने तक श्रमिकों को भुगतान नहीं हो रहा है। इस संबंध में भी आवश्यक निर्णय लेने का भी आग्रह मुख्यमंत्री ने इस चर्चा में किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के प्रस्तावित तृतीय चरण में वर्तमान सड़कों के अपग्रेडेशन के साथ-साथ, 2011 की जनगणना के आधार पर विभिन्न गांव और बसाहटों को इस योजना में शामिल किया जाए। इससे ढेर सारे गांव एवं बसाहट जो पहले इस योजना में छूट गए थे, उनको लाभ मिल सकेगा और वो पक्की सड़कों से जुड़ जाएंगे। साथ ही भारत सरकार द्वारा वर्ष 2008 में रीजनल सेंटर आफ इंडियन स्कूल आफ माइंस, धनबाद का सिंगरोली में सेन्टर खोलने का निर्णय लिया था। जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा 163.25 एकड़ जमीन आवंटित भी की जा चुकी है। इस सेन्टर को शीघ्र चालू करने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा अनुरोध प्रधानमंत्री से इस अवसर पर किया गया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही इस संबंध में सभी संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगे और केन्द्र की ओर से राज्य सरकार को सदैव सहयोग करेंगे।