मुख्यमंत्री जी माध्यम के कर्मचारियों की गुहार, आयु 62 वर्ष प्लीज

प्रदेश के कई निगम-मंडलों को नहीं मिल रहा लाभ, कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश के भाजपा शासनकाल में निगम-मंडलों के शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का फैसला तो ले लिया, लेकिन अभी भी कई निगम-मंडल ऐसे हैं, जहां पर इसका लाभ अधिकारी-कर्मचारी को नहीं मिल पा रहा है। जिसका ताजा उदाहरण मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत आने वाले उपक्रम माध्यम में देखने को मिला है। कमलनाथ सरकार ने यहां के कर्मचारियों को इस दायरे से दूर रखा है। जिसको लेकर माध्यम के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से सेवा की आयु 60 से 62 वर्ष बढ़ाने के मांग की है। शिवराज सरकार में शासकीय कर्मचारियों के साथ निगम-मंडलों के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के निर्णय लिया था। जानकारी के अनुसार माध्यम एक ऐसा उपक्रम है जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होते हैं। इसके अलावा प्रदेश के करीब आधा दर्जन से अधिक ऐसे निगम-मंडल हैं, जहां पर सेवा आयु बढ़ाने का लाभ नहीं मिल रहा है। जिसे लेकर कर्मचारियों में अब आक्रोश की स्थिति है। मुख्यमंत्री कमलनाथ को ऐसे निगम-मंडल कर्मचारियों के बारे में भी सोचना होगा। जिनकी आयु सीमा जानबूझकर 62 वर्ष अभी तक नहीं की गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो कर्मचारियों के साथ प्रदेश के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई थीं, उन्हीं के दम पर वे मध्यप्रदेश में 13 साल तक मुख्यमंत्री रहे। भाजपा के 15 साल के शासन को लोग व्यापमं के रूप में याद करते हैं, लेकिन एक-दो काम अच्छे भी थे। जिसमें शासकीय सेवक की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। भाजपा के 15 साल के शासन के बाद अब प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सरकार चालाने का मौका दिया है। तो पक्षपात से बचना ही होगा। ऐसे में कमलनाथ सरकार को प्रदेश की जनता के बीच भरोसा स्थापित करना व कर्मचारियों को विश्वास में लेकर काम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए शासन के सभी उपक्रमों के कर्मचारियों के प्रति एक समान भाव व एक समान नीति होनी चाहिए, तभी वे कर्मचारियों का दिल भी जीत पाएंगे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह कहा जा रहा था कि प्रदेश के जो निगम-मंडल में घाटे में चल रहे हैं, सरकार उन्हें बंद कर सकती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी स्वयं इस बात को कहा था। इसके बाद से निगम मंडलों का कर्मचारी वर्ग सरकार को शंका की निगाहों से देखने लगे हैं। मौजूदा सरकार ने माध्यम के कर्मचारियों की आयु वृद्धि 62 वर्ष नहीं करके उनके साथ न्याय नहीं किया है क्योंकि माध्यम एक ऐसा उपक्रम है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता।

इनका कहना है
सरकार ने माध्यम के कर्मचारियों को लेकर निर्णय कर लिया है। अभी कर्मचारियों की आयु को 60 से 62 वर्ष करने का निर्णय असहमति के दायरे में है। मुख्यमंत्री चाहेंगे तो आयु सीमा बढ़ भी सकती है।
पीसी शर्मा, जनसंपर्क मंत्री, मप्र शासन

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।