किसान ले सकते हैं नया लोन, ऋण माफी प्रक्रिया बाधा नहीं: कमलनाथ

जय किसान फसल ऋण माफी योजना के दूसरे चरण को लागू करने के निर्देश, मुख्यमंत्री किसान ऋण माफी के लिए संकल्पित

भोपाल, 8 जून। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हर हाल में किसानों की कर्ज माफी करने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के दूसरे चरण को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
जय किसान फसल ऋण माफी योजना में जिन किसानों की लोन माफी हो रही है, वे कृषि संबंधी कार्यों के लिये जरूरत अनुसार नया लोन ले सकते हैं। नया लोन लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व के वर्षों में अपनाई गई प्रक्रिया के अनुसार ही उन्हें लोन मिलेगा। नया लोन लेने से लोन माफी की राशि या उनकी पात्रता में कोई अंतर नहीं आएगा। किसान अपने ऋण का नवीनीकरण भी करा सकते हैं। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि बैंकों के नोड्यूज प्रमाण-पत्र और भूमि बंधक मुक्त कराए जाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिये गए हैं। अपेक्स बैंक की ओर से भी ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं। इस संबंध में जिला स्तर पर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं रहना चाहिए। बैंक अपने स्तर पर ऋण वितरण करें और कृषि आदान की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
राज्य शासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे किसान, जिनके चालू ऋण खाते रुपये 50,000 से अधिक हैं तथा नान-परफार्मिंग असेट रुपये दो लाख से अधिक हैं और जय किसान फसल ऋण माफी योजना के प्रथम चरण में उनके प्रकरण स्वीकृत नहीं हुए हैं, के प्रकरणों की स्वीकृति की कार्यवाही तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों को 24 के स्थान पर 12 प्रतिशत ब्याज पर ऋण
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त शासकीय भूमि पर उद्यानिकी फसलों के लिए उपयोग का अधिकार देने का प्रारूप बनाने के निर्देश दिए हैं। नाथ आज मंत्रालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की समीक्षा कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल उपस्थित थे।
बेरोजगार युवकों को भूमि उपयोग का अधिकार
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार देकर उन्हें बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर मालिकाना हक सरकार का होगा। समय विशेष के लिए इस भूमि के उपयोग का अधिकार देकर युवाओं को ऐसी फसलों के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, जो नगदीं हैं और युवाओं को कम समय में लाभ दे सकती हैं।

स्व-सहायता समूहों को 24 के स्थान पर 12 प्रतिशत ब्याज पर ऋण
मुख्यमंत्री नाथ ने ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित स्व-सहायता समूहों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर को 24 प्रतिशत के स्थान पर घटाकर 12 प्रतिशत करने को कहा। उन्होंने कहा कि ज्यादा ब्याज दर के कारण कई स्व-सहायता समूह लाभ के बजाए कर्जदार हो जाते हैं। उन्होंने वर्तमान में स्व-सहायता समूहों पर कर्ज भार का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
आवासहीनों को पट्टा वितरण शुरू: मुख्यमंत्री नाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों और आवासहीनों को आवासीय पट्टा देकर अपना घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने को कहा। नाथ ने कहा कि पूरे प्रदेश में आवासहीनों को पट्टा वितरण का अभियान चलाया जाए। उन्होंने समय-सीमा में इसकी योजना तैयार करने को कहा।
रूचि के हिसाब से मध्यान्ह भोजन
मुख्यमंत्री ने मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को रूचिकर भोजन देने को कहा। उन्होंने कहा कि पौष्टिकता के साथ बच्चों की खाने की रूचि का भी ध्यान रखा जाना चाहिए जिससे उन्हें पौष्टिक तत्व मिल सकें।
मजरे-टोले बनेंगे राजस्व ग्राम
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मजरे-टोलों को राजस्व ग्राम घोषित करने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे हम राज्य और केन्द्र की योजनाओं का लाभ वहां के रहवासियों को दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के रख-रखाव के लिए स्थायी नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टेक होम राशन के मामले में व्यवहारिक नीति बनाने को कहा, ताकि इसे सफल बनाया जा सके।
रोजगार देना सुनिश्चित करें
नाथ ने कहा कि कौशल विकास में दिये जाने वाले प्रशिक्षण संख्या आधारित होने के बजाए रोजगार आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ लक्ष्य पूरा करने पर नहीं, बल्कि रोजगार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में कितने प्रशिक्षित लोगों को रोजगार मिला, इसका भी ऑकलन करवाया जाए।
जल-संरक्षण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री नाथ ने स्वच्छता मिशन में ओ.डी.एफ. घोषित गाँव की वास्तविकता का पता लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल-संरक्षण के काम पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी बचाने और पानी को संरक्षित करने की योजनाएँ सफल हों और जन-प्रतिनिधियों और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह, सचिव उमाकांत उमराव एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कमलनाथ कल लेंगे विधायक की शपथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ विधानसभा में विधायक निर्वाचित होने के बाद 10 जून यानि सोमवार को विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने विधानसभा स्थित कक्ष में सोमवार सुबह 10.30 बजे शपथ दिलाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। कमलनाथ ने पिछले साल 17 दिसंबर को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वे उस समय विधानसभा सदस्य नहीं थे। नियमों के मुताबिक किसी भी मुख्यमंत्री या मंत्री को विधानसभा सदस्य नहीं होने पर छह महीने में विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेनी होती है। कमलनाथ के लिए ये अवधि 16 जून को समाप्त हो रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ हाल ही में लोकसभा चुनाव के साथ हुए छिंदवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी विवेक साहू पर जीत दर्ज कर विधानसभा सदस्य चुने गए हैं।