परिवहन आयुक्त, आबकारी आयुक्त और भोपाल कलेक्टर कोई और नहीं, सिर्फ मुख्यमंत्री ही तय करेंगे : मोहंती

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को लेकर मध्यप्रदेश में अब तबादलों का दौर कुछ समय के लिए थम जाएगा। अब जितने तबादले और होने हंै, 20 जून के पहले इसलिए हो जाएंगे, क्योंकि मध्यप्रदेश में अब कमलनाथ सरकार विधानसभा सत्र में सामने बहुमत को लेकर खड़ी फ्लोर टेस्ट की चुनौती का सामना करने के लिए तथा जनहित के मुद्दों को लेकर तैयारी में जुट गई है। कमलनाथ सरकार के सामने किसानों की ऋण माफी का मुद्दा भी अब अंतिम पड़ाव पर है, जिसमें सरकार ने निर्णय ले लिया है कि छोटे किसानों का ऋण माफ करने के बाद बड़े किसानों का भी ऋण गुण-दोष के आधार पर माफ किया जा सकेगा। परंतु प्रशासनिक गलियारों में ज्वलंत सवाल यह है कि कमलनाथ सरकार में परिवहन आयुक्त, आबकारी आयुक्त और एक सप्ताह से चल रहे जद्दोजहद के बाद भोपाल कलेक्टर कौन बनेगा, इस विषय को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।
परिवहन आयुक्त पद के लिए वर्तमान परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव से ही उपयुक्त नाम सुझाए जाने का निर्देश संभवता मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिया है। सूत्रों अनुसार परिवहन आयुक्त पद के लिए पांच वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का पैनल बनाया गया है। जिसमें महानभारत सागर, संजय राणा, संजय माने, डी. श्रीनिवास राव और उपेंद्र जैन का नाम शामिल है। ठीक ऐसी ही स्थिति मध्यप्रदेश में आबकारी आयुक्त को लेकर बनी है। वर्तमान आबकारी आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव ने जिस प्रशासनिक डंडे से राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि दिलाकर सरकार को खुश किया है, उससे ऐसा लगता है कि रजनीश श्रीवास्तव को हटाने के मूड में सरकार नहीं है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते यदि आबकारी आयुक्त बदल दिया जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। उपरोक्त दोनों पदों के लिए कहा जा रहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के पसंद का ध्यान रखा जाएगा। लेकिन लोकसभा 2019 के पराजय के बाद न तो दिग्विजय सिंह किसी का नाम सुझाना चाहते हैं और न ही सिंधिया इन पचड़ों में पडऩा चाहते हैं। हालांकि नए आबकारी आयुक्त के लिए जिन भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों का नाम है, उनमें राघवेंद्र सिंह, मसूद अख्तर, आर.के. मिश्रा, आशुतोष अवस्थी तथा एम.बी. ओझा के नाम चर्चा में हैं। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने यह भी पता लगाया कि भोपाल कलेक्टर सुदाम पंढरीनाथ खाड़े के तबादले के बाद आखिर भोपाल के नए कलेक्टर को लेकर जद्दोजहद क्यों है? सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह का खेमा मनीष सिंह और दूसरा खेमा तेजस्वी नायक या विजय दत्ता के लिए पूरी ताकत से जुटा हुआ है, और इसके लिए स्थानीय मंत्री पीसी शर्मा ने भी सहमति जाहिर की है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री कमलनाथ संभवत: भोपाल के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी की सलाह पर ही निर्णय लेंगे। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने उपरोक्त तीनों मामलों में मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती से चर्चा की तो मुख्य सचिव ने दो-टूक शब्दों में कहा कि सरकार अब बहुत ज्यादा आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में नहीं उलझेगी, लेकिन जिन तीन पदों पर आपका सवाल है, उसमें मुख्य सचिव का साफ-साफ कहना है कि उपरोक्त तीनों पदों में निर्णय सिर्फ मुख्यमंत्री ही लेंगे कोई और नहीं।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।