प्रख्यात लेखक, रंगकर्मी गिरीश कर्नाड का निधन

बेंगलुरु, 10 जून (वार्ता)। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक, नाटककार, अभिनेता एवं फिल्म निर्देशक गिरीश कर्नाड का सोमवार सुबह निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और लंबे समय से श्वास संबंधी बीमारियों से पीडि़त थे।
कर्नाड एक समकालीन लेखक थे जिन्होंने कन्नड़ भाषा और भारतीय रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। साहित्य, रंगमंच और सिनेमा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण से भी सम्मानित किया। गिरीश कर्नाड का जन्म 19 मई, 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में कोंकणी परिवार में हुआ था। बचपन के दिनों से गिरीश कर्नाड का रूझान अभिनय की ओर था। स्कूल के दिनों से ही गिरीश कर्नाड रंगमंच से जुड़ गये। जब वह 14 वर्ष के थे, तब अपने परिवार के साथ कर्नाटक के धारवाड़ जिले में आ गए।
कर्नाड ने कई फिल्मों में भी अपने अभिनय का जौहर दिखाया। इनमें ‘निशांत ,’मंथन ,’स्वामी, ‘पुकार ,’इकबाल ,’डोर, ‘आशाएं, ‘एक था टाइगर और ‘टाइगर जिंदा है प्रमुख हैं। वह प्रसिद्ध टीवी शो मालगुडी डेज में स्वामी के पिता के किरदार में भी नजर आए थे।
मोदी ने गिरीश कर्नाड के निधन पर जताया शोक: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक एवं रंगमंच कलाकार गिरीश कर्नाड के निधन पर शोक जताया है।
मोदी ने आज ट्वीट किया, गिरीश कर्नाड को उनके बहुमुखी अभिनय के लिए हमेशा याद किया जाएगा। अपनी पसंद के मुद्दों पर उन्होंने पूरे उत्साह के साथ अपने विचार व्यक्त किए। उनके कार्य आने वाले वर्षों में भी लोकप्रिय बने रहेंगे। उनके निधन से दु:खी हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

विलक्षण प्रतिभा थे स्वर्गीय गिरीश कर्नाड: कमलनाथ
भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सुप्रसिद्ध अभिनेता, फिल्म निर्देशक, कन्नड़ लेखक, नाटककार और विद्वान गिरीश कर्नाड के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। नाथ ने शोक संदेश में कहा कि बीते चार दशकों से जो सृजन यात्रा उत्साहपूर्वक जारी थी, वह थम गई। ऐसी विलक्षण प्रतिभा वर्षों में जन्म लेती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि स्वर्गीय कर्नाड ने समकालीन मुद्दों से निपटने के लिए इतिहास और पौराणिक कथाओं का जैसा रचनात्मक उपयोग नव-जागरण के लिए किया, वह रंगमंच और साहित्य की धरोहर बन गया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों, कला समुदाय को यह दु:ख सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।