शपथ लिया है, कमलनाथ 5 साल डटे रहेंगे


विजय कुमार दास
भोपाल, 10 जून।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 9 बार सांसद का चुनाव जीतने के बाद पहली बार विधायक का चुनाव जीता और आज मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने विधानसभा क्षेत्र क्र. 126 छिंदवाड़ा से विधायक पद की शपथ विधानसभा सदन परिसर में जब ग्रहण करवाई तब उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। चुनाव के मामले में कमलनाथ ने अपने आप को अजेय साबित तो कर दिया है लेकिन अब मुख्यमंत्री के रूप में उनकी चुनौतियां कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबसे पहले भोपाल के कमलानगर इलाके में शनिवार रात को 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के बाद की गई हत्या के दोषी को फास्ट ट्रेक पर आजीवन कारावास की सजा की पहल करने तथा पीडि़ता के परिवार को 5 लाख रुपए का आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने विधायक की शपथ लेने के बाद जिस अंदाज से समाजवादी विधायक और बसपा विधायकों के साथ मुस्कुराकर अभिवादन स्वीकार किया उससे स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अब 5 साल पूरी तरह डटकर काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को जून माह से 700 से 2000 रुपए तक का एरियर्स बढ़कर मिलेगा। केंद्र के समान महंगाई भत्ते का लाभ भी नगद मिलेगा। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने बढ़ी हुई 9 फीसदी महंगाई भत्ता को मिलाकर 12 फीसदी का लाभ सरकारी कर्मचारियों को जून महीने से ही देने का फैसला किया है। जहां तक सवाल है चार लाख पेंशनर्स का तो अब उन्हें महंगाई भत्ते के लिए छत्तीसगढ़ से अनुमति का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने विधायक पद की शपथ लेने के बाद शासकीय सेवकों की सेवा पुस्तिका को भी ऑनलाइन करने का फैसला किया है, जिसके तहत सेवकों के वेतनमान में अब किसी भी प्रकार की कोई रुकावट नहीं आएगी। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने आज मुख्यसचिव सुधिरंजन मोहंती को शासकीय सेवकों के विभागीय जांच, निलंबन, पदोन्नति और समय-समय पर उनकी दिक्कतों को हल करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाने का निर्देश दिया है। इस उपसमिति को मंत्रिमंडल के समकक्ष कर्मचारियों के मामले में संपूर्ण अधिकार होंगे। समझा जाता है कि मध्यप्रदेश के किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार यह निर्णय किया जाना ऐतिहासिक है कि उनकी प्राथमिकताओं में कर्मचारियों का हित सर्वोपरि है। राज्यमंत्रालय में कमलनाथ के निर्देशों का बिजली की करंट की तरह उत्साहजनक वातावरण भी बन गया। यह भी समझा जा रहा है कि मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती कर्मचारियों के मामले में अब किसी भी विभाग के प्रमुख सचिव अथवा सचिव द्वारा किए गए लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यूं कहा जाए कि मध्यप्रदेश सरकार में आज से लेकर 5 वर्ष का समय शासकीय कर्मचारियों के लिए सुविधाओं से भी परिपूर्ण होगा और उनकी समस्याओं का निराकरण समय सीमा के अंदर हर विभाग के मुखिया को निपटाना होगा और मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को रिपोर्ट करना होगा।