भाजपा राज में बलात्कार में नंबर वन था मप्र: अजय सिंह

भोपाल, 11 जून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के 15 साल के कुशासन का नतीजा है कि प्रदेश में बदहाल स्थितियों से कांग्रेस सरकार को निपटना पड़ रहा है। सिंह ने कहा कि भाजपा में अपने अस्तित्व के संकट से निपटने के लिए छपास रोग से पीडि़त शिवराज सिंह चौहान नित-नए तरीके ढूढंते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रदेश मजबूत होता और शिवराज सरकार ने काम किया होता तो आज प्रदेश आर्थिक संकट और पेयजल संकट से जूझ नहीं रहा होता। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे शिवराज अपने शासन की याद करें, जब प्रदेश बलात्कार में नंबर वन था। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों को अपना समझकर पूर्व मुख्यमंत्री ने जो लुटाई मचाई थी, उसी का नतीजा है कि आज प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खाली खजाने के बीच कमलनाथ सरकार ने कर्ज माफी कर किसानों को राहत पहुंचाने का जो कमाल दिखाया है, यह उनके अनुभव और प्रबंधन का नतीजा है। सिंह ने कहा कि सरप्लस बिजली, बीमारू राज्य से प्रदेश को बाहर निकालने का दावा करने वाले शिवराज की हकीकत सामने आ गई है। 15 साल के राज में उन्होंने पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। यही कारण है कि आज भी प्रदेश जल संकट से जूझ रहा है। सरप्लस बिजली के बाद भी कटौती हो रही है तो इसका कारण है कि उनके राज में आर.एस.एस.-भाजपा के कार्यकर्ताओं की जो आउटसोर्स के नाम पर भर्ती हुई थी, वे लोग सरकार को बदनाम करने के लिए घटिया हथकंडों पर उतर आए हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि अगर शिवराज जी को जनता की जरा भी चिंता है तो उन्हें अपने भाड़े के लोगों को संदेश भेजना चाहिए कि वे हरकतें बंद करें। सिंह ने कहा कि चिमनी यात्रा निकालने के बजाए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को समझाए कि वे बिजली वितरण में रूकावट पैदा न करें। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मात्र 6 माह पुरानी सरकार जिसमें 3 माह सिर्फ लोकसभा में निकल गए उसके खिलाफ अनर्गल झूठे आरोपों के साथ भाजपा नेता जो प्रलाप कर रहे हैं, वह दरअसल भाजपा के अंदर अपने को प्रमाणित करने की रेस का परिणाम है। सिंह ने कहा कि ट्रांसफर उद्योग किस तरह भाजपा राज में चला है, यह किसी से छुपा नहीं है। कलेक्टर और एस.पी. की पोस्टिंग की बोलियां लगाकर सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के अपने किस तरह वसूली करते थे, इसके सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं। अगर वे सामने आ गए तो पूर्व मुख्यमंत्री अपने चेहरे पर जो मुखौटा लगाए हैं, उसे उतरने में समय नहीं लगेगा।