कुठियाला को उपस्थित होने तीन दिन का अंतिम अवसर

भोपाल, 11 जून। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मंगलवार को भी ईओडब्ल्यू के सामने उपस्थित नहीं हुए। कुठियाला ने स्वास्थगत कारणों से 15 दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन ईओडब्ल्यू इस मामले में जल्द विवेचना करना चाहता है। लिहाजा, उन्हें 8 जून की जगह मंगलवार (11 जून) को बुलाया था। अब ईओडब्ल्यू ने कुठियाला को 3 दिनों का अंतिम अवसर दिया है, जिस अवधि में वे अधिकारियों के सम्मुख उपस्थित होकर जांच में वैधानिक सहयोग करें। यदि पूर्व कुलपति अगले तीन दिनों में नहीं आते हैं तो सभव है उनकी गिरफ्तारी भी हो। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने अब आरोपी पूर्व कुलपति बीके कुठियाला की गिरफ्तारी की तैयारियां शुरू कर दीं हैं, क्योंकि बुलाने के बावजूद कुठियाला आज भी बयान दर्ज कराने पेश नहीं हुए। ईओडब्ल्यू ने कुठियाला को अंतिम मौका दिया है। यदि अब भी कुठियाला खुद नहीं आए तो उन्हें गिरफ्तार करके लाया जाएगा। उन्हें आज ईओडब्ल्यू में पेश होना था। ईओडब्ल्यू ने उनसे पूछताछ के लिए 100 से ज़्यादा सवालों की सूची तैयार की है। अनुमान था कि ये पूछताछ 10 घंटे से ज़्यादा समय तक चल सकती है लेकिन कुठियाला ईओडब्ल्यू में पेश नहीं हुए। प्रो. कुठियाला पर आरोप है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति रहते आर्थिक अनियमितता सहित टीचिंग पदों पर मनमर्जी से बड़ी संख्या में भर्ती की। इन्होंने न सिर्फ आरएसएस से जुड़े संगठनों व उनसे जुड़े लोगों को उपकृत किया, बल्कि व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए विश्वविद्यालय का पैसा खर्च किया। सूत्रों ने बताया है कि ईओडब्ल्यू दस्तावेजों और सबूतों के साथ पूछताछ करेगी। पत्रकारिता विश्वविद्यालय में में आर्थिक अनियमितताओं को लेकर शासन स्तर पर जांच टीम का गठन किया गया था। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने नियुक्ति सहित आर्थिक गड़बड़ी के मामले में पूर्व कुलपति बीके कुठियाला समेत 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ईओडब्ल्यू ने एमसीयू से तमाम दस्तावेज और सबूत भी जुटाए थे। कुठियाला को आज 11 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
इनका कहना है
कुठियाला को तीन दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। अगर वो अब भी पूछताछ के लिए ऑफिस नहीं आएंगे तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
केएन तिवारी, डीजी आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा,मध्यप्रदेश