समाज खड़ा हो जाए, दरिंदे भाग जाएंगे: शिवराज

भोपाल। दरिंदों को रोकना सिर्फ सरकार की ही नहीं, समाज की जिम्मेदारी होती है। हम सब अच्छे लोग मिलकर ऐसे दरिंदों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। धर्मगुरू, समाज के अध्यक्ष एवं सामाजिक लोग किसी स्वार्थ के लिए न होकर समाज में रह रहे जल्लाद, राक्षस, पापी, शैतान और दरिंदों के खिलाफ एक धार्मिक दायित्व को निभाने साथ आये है। अन्याय सहन करना कोई धर्म नहीं सिखाता। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कोटरा सुल्तानाबाद की मांडवा बस्ती में बेटी बचाओ अभियान के अंतर्गत मोहल्ला समिति के गठन के अवसर पर कही। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान के अंतर्गत मांडवा बस्ती में मोहल्ला समिति गठन के अवसर पर कहा कि नाबालिकों के साथ हो रही दुष्कृत्य की घटनाओं ने समाज को शर्मसार किया है। विकृत मानसिकता के लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसी घटनाओं पर पुनरावृत्ति न हो और बेटियां समाज में खुद को सुरक्षित महसूस करें, यह जिम्मेदारी समाज की है, इसलिए बेटी बचाओ अभियान को जन आंदोलन का रूप देना भी समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पहला गैर राजनीतिक अभियान है, जिसके अंतर्गत बेटियों की सुरक्षा के लिए सामाजिक जिम्मेदारियों को सुनिश्चित किया जा रहा है। इसलिए इसमें हर राजनीतिक दल हर समाज हर वर्ग की भागीदारी होना चाहिए।
मोहल्ला समितियां जनआंदोलन को गति देंगी: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हम किसी पार्टी के बैनर पर इक्कठा नहीं हुए हैं। समाज के दरिंदों को दरिंदगी से रोकने के लिए आज पूरा समाज एकजुट हुआ है। आज मन परेशान है, क्यों ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। मैं तेरह साल मुख्यमंत्री रहा हूं, इसलिए समाज को जगाने की जिम्मेदारी मेरी भी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए हर मोहल्ले में समिति बनाएंगे, जिसकी शुरूआत इस बस्ती से की है। कमेटियां जनजागरूकता लाकर इस आंदोलन को गति देंगे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनता से मुख्य न्यायाधीश को पोस्टकार्ड लिखने की अपील करते हुए कहा कि पोस्टकार्ड में लिखें कि रेप के आरोपी को फांसी हो और पीडि़ता को तत्काल न्याय मिले, इसके लिए फास्टट्रेक कोर्ट का गठन हो।
बेटी अब जुल्म नहीं सहेगी: शिवराज सिंह चौहान कहा कि दरिंदगी करने वाले राक्षसों के लिए कानून का खौफ जरूरी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फांसी की सजा का कानून बना और जिसके तहत 26 दंरिदों को फांसी की सजा हुई है, लेकिन अब तक कोई फांसी के फंदे तक नहीं पहुँचा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय को पोस्टकार्ड लिखकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग की जाएगी, साथ ही ऐसे मामलों के लिए फास्टट्रेक कोर्ट का गठन करने की मांग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होगी। चौहान ने कहा कि मानवीयता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। इस अभियान में मोहल्ला कमेटियों का गठन होगा। मोहल्ला समितियां यह देखेंगी कि मोहल्ले में कोई गलत व्यक्ति तो नहीं रह रहा है। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है, समाज की युवा पीड़ी नशे से दूर रहे इसके लिए हम मिलकर नशा मुक्ति अभियान चलाएंगे। बेटी अब जुल्म नहीं सहेगी, अब किसी बेटी को कोई छेड़ेगा तो वो मोहल्ला समिति को बताएगी। इस अवसर पर धर्मगुरू, समाज के अध्यक्ष सहित क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग, प्रबुद्धजन, पूर्वमंत्री उमाशंकर गुप्ता, महापौर आलोक शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता आलोक संजर उपस्थित थे।