गुजरात में आज भी लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे : अजय सिंह

भोपाल, 18 जून। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल संरक्षण को लेकर सरपंचों को लिखे पत्र पर कहा कि यह महज एक राजनीतिक हथकंडा है। उन्होंने कहा कि वे 12 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और जिस गुजरात के विकास मॉडल की वह बात करते हैं, वहां आज भी कई ऐसे इलाके हैं जहाँ लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें अमीरगढ़, पालनपुर सहित कई हिस्से ऐसे हंै, जहाँ पीने के लिए पानी नहीं है, सिंचाई तो दूर की बात है। यह हालात सिर्फ इस वर्ष नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से गुजरात के कई हिस्सों में बने हुए है। सिंह ने कहा कि गुजरात के पालनपुर जिले में पिछले वर्ष और इस वर्ष कोई फसल नहीं हुई। वहाँ न तो सिंचाई के लिए पानी है और न ही मनुष्य और जानवरों के लिए पीने का पानी है। गुजरात में ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खुद ही कुंआ खोद रहे हैं क्योंकि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है। सिंह ने कहा कि 12 साल स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं और उसके बाद भी उनकी ही सरकार गुजरात में है, वे आज तक वहाँ पर जल संरक्षण और पानी की उपलब्धता की दिशा में कुछ नहीं कर पाए और देश के लोगों को गुजरात मॉडल के नाम पर झूठ परोसा। सिंह ने कहा कि सरपंचों को जल संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा लिखे गए पत्र का इसलिए भी कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वे अपने पत्र में जून माह में जल संरक्षण के लिए खेतों की मेढ़ बंधी, नदियों और धाराओं में चेक डेम का निर्माण, तट बंदी, तालाबों की खुदाई एवं सफाई की जो बात कह रहे हैं वास्तव में यह काम तो वर्षा ऋ तु के डेढ़-दो महीने पहले किए जाते हैं। अब जब देश के कई हिस्सों में मानसून आ गया है, तब प्रधानमंत्री की इस नसीहत का कोई मायने नहीं रह जाता है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद पर बैठ कर अब नरेन्द्र मोदीजी को सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए अपने हथकंडे बंद कर देना चाहिए। इस देश के लोगों ने जो विश्वास उन पर व्यक्त किया है, उसका जवाब वे सच्चे और सार्थक काम करके दें।