हर बच्चा स्कूल जाए, यह हम सभी की पहली जिम्मेदारी : कमलनाथ


मुख्यमंत्री का ‘स्कूल चलें हमÓ अभियान की पूर्व संध्या पर प्रदेश की जनता के नाम संदेश
भोपाल, 23 जून।
मुख्यमंत्रीकमल नाथ ने कहा है कि बच्चे हमारा भविष्य हैं। हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी है कि हर बच्चा स्कूल जाए। इसके लिए प्रदेश के हर नागरिक को स्कूल चलें हम अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे शिक्षा को आनंदपूर्ण और स्कूलों में ऐसा वातावरण बनाएँ कि बच्चों में पढऩे की रूचि जाग्रत हो और उनकी प्रतिभा निखर सके। श्री नाथ ने यह बात 24 जून से शुरु हो रहे स्कूल चलें हम अभियान की पूर्व संध्या पर प्रदेश की जनता के नाम जारी संदेश में कही।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हर बच्चे में प्रतिभा और आगे बढऩे की क्षमता होती है। हर बच्चा प्रदेश और देश की कीमती पूँजी है। इसलिए हम सब लोगों को मिलकर इनके बेहतर भविष्य की चिन्ता करना होगी। वे शिक्षित हों-दीक्षित हों और सर्वश्रेष्ठ नागरिक के रूप में उनका निर्माण हो, इसके लिए हमें प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को स्कूल भेजना सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने शिक्षकों से कहा है कि हर बच्चे में आत्म-विश्वास पैदा करें। प्रत्येक बच्चा स्कूल में दाखिला लेने के बाद रोज स्कूल आए, इस पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए शिक्षिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए उन्हें नि:शुल्क यूनिफार्म, साईकल, पुस्तक और छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति देने जैसे सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। श्री नाथ ने कहा कि बच्चों का पढ़ाई में मन लगे, इसके लिए शिक्षा सत्र शुरु होने के बाद एक हफ्ते तक स्कूलों में खेल-कूद, गायन, चित्रकला एवं अन्य गतिविधियाँ चलाई जाएंगी।
बच्चों को योग्य बनाने के लिए शिक्षा में नवाचार
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को आज के समय के अनुसार योग्य बनाने के लिए कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। कक्षा दसवीं के छात्रों के लिए जिलों में कॅरियर कांउसिलिंग की व्यवस्था की गई है। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा पाएँ, इसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप दी जा रही है। प्राईवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब और कमजोर वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश और शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि च्स्कूल चलें हमज् अभियान हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। हर बच्चा स्कूल जाए, इसके लिए हम सब लोग इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
जनता की सलाह और साझेदारी से होगा पानी बचाने का काम :कमलनाथ: प्रदेश में जनता की सलाह और भागीदारी से पानी बचाने का काम होगा। राज्य स्तर पर एक जल प्रकोष्ठ गठित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है। आम नागरिक वाटर सेल के ई-मेल आई.डी पर पानी बचाने से संबंधित गतिविधियों पर अपनी राय दे सकते हैं।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जनता के नाम जारी संदेश में पानी को सहेजने और नए जल स्त्रोतों को विकसित करने के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पानी बचाने के काम में युवा शक्ति समितियाँ गठित कर युवाओं को पानी बचाने का दायित्व सौपेंगे और एक बड़ा आंदोलन चलाएंगे। उन्होने युवाओं से जल दूत बनने आग्रह किया है। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि वाटर सेल पानी को सहेजने और उसके किफायती उपयोग की रणनीति तय करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले समय में पानी को बचाने और जल राशि बढ़ाने के लिए अब जो भी काम होंगे, वह प्रदेश के नागरिकों की सलाह और साझेदारी के साथ होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पानी सबके लिए अनिवार्य जरूरत है। इसके बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। इसलिए यह जरूरी है कि पानी के संरक्षण के काम में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि वे जलदूत के रूप में काम करें। युवाओं की सोच, नजरिए और जोश से पानी की हर बूँद को बचाकर हम उसका बेहतर उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे जहाँ भी हैं, जो भी काम कर रहे हैं, अपने-अपने क्षेत्रों में समाज के सभी वर्गों में पानी के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करें। पानी को रोकने के लिए अधिक से अधिक काम करने में योगदान दें।
बड़े पैमाने पर करें पौधा-रोपण: मुख्यमंत्री ने कहा है कि सूखा एक प्राकृतिक प्रकोप है। इस पर किसी का कोई बस नहीं हैं लेकिन सूखे से निपटने की ताकत और ऊर्जा सभी लोगों में है। इसलिए हम सब मिलकर पानी बचाने का काम करके इस संकट का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बरसात में बारिश का पानी गाँव में ही रोकने के लिए जरूरी सभी काम हम सब लोगों को करना होगा। बड़ी-बड़ी योजनाओं की बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर तालाबों, चैकडेम, खेत-तालाबों परकोलेशन तालाब, मेढ़-बंधान, कुँआ रिचार्ज जैसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण काम हमें मिलकर करना होंगे। बड़े पैमाने पर पौधा-रोपण करें और उन्हें सिंचित करने के साथ सुरक्षित भी रखें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बड़े किसानों से आग्रह किया है कि वे स्वयं के खेतों में अपने पैसे से पानी रोकने के लिए खेत, तालाब और भू-जल रिचार्ज का काम करें। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए सरकार ने विभिन्न शासकीय योजनाओं में पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है। पंचायत और जन-प्रतिनिधि इस दिशा में सजग होकर अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर पानी को बचाने का कार्य करवाएँ। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी निधि का उपयोग पानी सहेजने के काम पर प्राथमिकता से करें। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की है कि प्रदेश को पानीदार बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में हर व्यक्ति संकल्पित और समर्पित होकर काम करेगा।
प्रदेश में बिहार में फैली जानलेवा बीमारी एईएस को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश: प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बिहार में बच्चों में फैली जानलेवा बीमारी एक्यूट इंसेफ़्लाइटिस सिंड्रोम ( एईएस) व इसके कारण अभी तक करीब 170 बच्चों की हुई दुखद मौत पर चिंता जाहिर करते हुए मध्यप्रदेश में इस बीमारी की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के प्रदेश के जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा है वेसे तो इस बीमारी का कोई भी लक्षण अभी तक प्रदेश में सामने नहीं आया है लेकिन हमें सतर्कता व सावधानी बरतने की आवश्यकता है।इस बीमारी के लक्षण का कोई भी मामला संज्ञान में आने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाये।इस बीमारी की रोकथाम के लिए एहतियातन सारे आवश्यक कदम उठाए जाये।कोई भी लापरवाही इसको लेकर ना बरती जाये।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।सरकार से जिस भी साधन-संसाधन की आवश्यकता है तुरंत बताया जाये।प्रदेश के सारे अस्पतालों को सूचित किया जाये कि इस बीमारी के लक्षण का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत जानकारी दी जाये। इस बीमारी के लक्षण यदि किसी भी मरीज़ में पाये जाते है तो तत्काल उसकी सूचना देकर आवश्यक सारे क़दम उठाये जाये।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से भी कहा है कि इस बीमारी को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।सरकार इसको लेकर गंभीर व चिंतित है।हम एहतियातन सारे आवश्यक कदम उठा रहे हैं। हमारे पास बेहतर चिकित्सा सुविधा व संसाधन मौजूद है। सरकारी विज्ञापन की मुख्य किरदार बनी शकुंतला अड़लक ने कहा कि 28 फरवरी 2019 का दिन सबसे खुशी वाला दिन थामुख्यमंत्री कमल नाथ का झाबुआ दौरा
मुख्यमंत्री कमल नाथ 24 जून को झाबुआ जाएंगे श्री नाथ झाबुआ में स्कूल चलें हम अभियान का शुभारंभ करेंगे और मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना कार्यक्रम में सामूहिक विवाह में शामिल होंगे। श्री नाथ 24 जून को दोपहर 12 बजे भोपाल से झाबुआ के लिए रवाना होंगे। श्री नाथ यहां पर शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ में आयोजित स्कूल चलें हम कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। उसके बाद श्री नाथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना तथा जय किसान ऋण माफी योजना कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री नाथ विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री शाम को भोपाल लौटेंगे।

मैंने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को दिल से आशीर्वाद दिया
जय किसान फसल ऋण माफी योजना के सरकारी विज्ञापन की मुख्य किरदार बनी बैतूल जिले की शकुंतला अड़लक ने कहा है कि 28 फरवरी 2019 का दिन उनके जीवन का सबसे खुशी वाला दिन था जब 1 लाख 23 हजार 73 रुपये 10 पैसे का फसल ऋण माफ करने वाला प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री कमल नाथ ने उन्हें सौंपा। श्रीमती अड़लक ने कहा कि उस दिन मैंने मुख्यमंत्री को दिल से आशीर्वाद दिया।बैतूल जिले के ग्राम गौठाना निवासी 70 वर्षीय शकुंतला विधवा महिला हैं उनकी ग्राम साईखेड़ा में लगभग 5 एकड़ खेती है। उन्होंने खेती-किसानी के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से 80 हजार रुपये का ऋण लिया था। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने वचन-पत्र के अनुसार जब प्रदेश के 48 लाख से अधिक किसानों की फसल ऋण माफी का निर्णय लिया तो उससे श्रीमती शकुनतला अड़लक भी लाभान्वित हुई। मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी 2019 को बैतूल में आयोजित एक कार्यक्रम में शकुंतला अड़लक को ऋण माफी का प्रमाण पत्र सौंपा। श्रीमती अड़लक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे प्रमाण पत्र देते हुए पूछा कि आप खुश हो तो मैंने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि मैं खुश हूँ मुझे अच्छा लग रहा है कि आज मैं ऋण मुक्त हो गई हूँ। मुझे उस दिन दोहरी खुशी मिली थी। एक मुख्यमंत्री ने मुझसे अपनों जैसी बात की और दूसरा मेरा कर्ज सिर से उतर गया था।