बैच मेट का ख्याल रखने में माहिर 1985 के गोपाल रेड्डी…


मध्यप्रदेश की नौकरशाही में गलाकाट प्रतियोगिता किसी से छिपी नहीं है। नौकरशाह एक-दूसरे की पोल खोलने में ज्यादा माहिर होते हैं, लेकिन 1985 बैच के नौकरशाह अतिरिक्त मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी अपने बैच मेट की तारीफ करते-करते नहीं थकते। ताजा उदाहरण है आज 1985 बैच के नौकरशाह रजनीश वैश्य के रिटायर्ड होने के बाद आयोजित विदाई समारोह में गोपाल रेड्डी का भाषण। उन्होंने कहा हमें याद रखना होगा कि रजनीश वैश्य ने नर्मदा घाटी विकास में किसी न किसी पद में रहकर 18 वर्षों तक कार्य किया है। उनके अनुभव हमारे लिए हमेशा काम आएंगे। एक कदम आगे बढ़ते हुए गोपाल रेड्डी ने कहा कि जब-जब हमें कोई कठिनाई होगी तो हम रजनीश वैश्य को याद करेंगे। रजनीश वैश्य ने भी जाते-जाते एक गुरुमंत्र दिया कि यह तकनीकी विभाग है, इंजीनियरों से गलतियां होती हंै, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हेंं तुरंत सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि दो-चार बार गलतियां माफ करने के बाद भी यदि कोई ना सुधरे तो फिर उसे सजा सुना दो…
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