मध्यप्रदेश में महिलाएं ज्यादा स्वतंत्र-सुरक्षित और निर्भीक : वीके सिंह


कथित वायरल वीडियो के माध्यम से भ्रम फैलाने का किया जा रहा काम
ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार/9425002527
भोपाल, 6 जुलाई।
प्रदेश के पुलिस मुखिया विजय कुमार सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें यह कहते सुना जा सकता है कि प्रदेश में अपहरण की घटनाएं इसलिए बढ़ रहीं हैं, क्योंकि समाज में लड़कियों को पहले से ज्यादा स्वतंत्रता दे दी गई है। उनके अनुसार इस तरह की घटनाओं के लिए समाज जिम्मेदार है। उनका कहना है कि नाबालिग लड़कियां अपने स्कूल या कॉलेज के दोस्त के प्यार में पड़कर भाग जाती हैं और पैरेंट्स अपहरण का मामला दर्ज कराते हैं।
जब इस संबंध में राष्ट्रीय हिन्दी मेल के प्रतिनिधि ने पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि कथित वायरल वीडियो के माध्यम से भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है। जबकि आज मध्यप्रदेश में महिलाएं पहले से ज्यादा स्वतंत्र-सुरक्षित और निर्भीक हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मेरा कहने का आशय यह था कि अब प्रदेश में लड़कियों के लिए सुरक्षा का माहौल बेहतर है। जिसका प्रमाण यह है अब लड़कियां अकेले आती-जाती हैं। अपहरण की घटनाएं इसलिए ज्यादा दिखती हंै क्योंकि इसमें ऐसे प्रकरण भी हैं जिसमें लड़कियां स्वयं अपने दोस्तों के साथ चली जाती हैं। यह बात गलत है कि स्वतंत्रता मिलने पर अपहरण बढ़ रहे हैं, ऐसा मेरे द्वारा कभी नहीं कहा गया। उन्होंने कहा कि महिलाएं इसलिए पहले से ज्यादा सुरक्षित हंै, क्योंकि उनकी संख्या कार्यस्थल के साथ-साथ कॉलेज और स्कूलों में भी ज्यादा संख्या में है। उनमें अब असुरक्षा की भावना नहीं है। इतना ही नहीं पुलिस से जो भी मदद चाहिए, उसके लिए एप्प भी बनाया है और तो और महिलाओं को थाने में जाने में सुविधा हो, उसके लिए हर थाना स्तर पर महिला डेस्क हैं। जिससे कि महिलाओं में असुरक्षा की भावना न हो। डीजीपी ने कहा कि इस तरह के कथित वीडियो की जाँच के लिए कहा गया है और इस मामले में कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने राजधानी के न्यू मार्केट का उदाहरण देते हुए कहा कि अभी बीते कुछ दिनों पहले ही महिलाओं ने यहां पर पिंक-डे मनाया और सुबह 4 बजे तक खरीदारी की। इसी से पता चलता है कि प्रदेश में महिलाएं ज्यादा स्वतंत्र-सुरक्षित और निर्भीक हैं। आपको यह बता दें कि पुलिस महानिदेशक ने यह बातें ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे के समय एक कार्यक्रम में कही हैं। जिसे तथाकथित लोगों द्वारा एडिट करके सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है।