विधानसभा का मानसून सत्र दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

भोपाल, 8 जुलाई। मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही की शुरुआत पिछले दिनों दिवंगत हुए राजनेताओं और नक्सली-आतंकी हमलों में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने से हुई। दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सदन की कार्यवाही को 9 जुलाई, मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। सदन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और लगातार चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे मनोहर पर्रिकर, पूर्व विधानसभा सदस्य कुमारी विमला वर्मा, शिवनारायण मीणा, सुन्दरलाल तिवारी, गंगाबाई उरैती, विजय कुमार पाटनी, सतीश कुमार चौहान, मीरा धुर्वे, बलराम सिंह ठाकुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में भोपाल के शहीद हरिश्चंद्र पाल तथा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आंतकवादी हमले में शहीद देवास जिले के संदीप यादव के निधन पर दुख व्यक्त किया और उनके जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद सदन के नेता और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी और सदन की ओर तथा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिवंगतों के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। तत्पश्चात सदन में दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन हुआ और उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
उल्लेखनीय है कि यह मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का तीसरा सत्र है, जो कि आगामी 26 जुलाई तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में कुल 15 बैंठकें होंगी। इस दौरान सदन में विधायकों द्वारा चार हजार 362 सवाल पूछे जाएंगे। बुधवार, 10 जुलाई को वित्त मंत्री तरुण भनोट सदन में वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि विधानसभा सचिवालय को मानसून सत्र के लिए 4362 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 206, स्थगन प्रस्ताव की 23, अशासकीय संकल्प की 22 तथा शून्यकाल की 47 सूचनाएं मिली हैं। इसके अलावा शासकीय विधेयकों की भी 6 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जो मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही के दौरान प्रस्तुत की जाएंगी। इस बार विधानसभा की कार्यवाही हंगामेदार होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष ने किसान कर्जमाफी, अघोषित बिजली कटौती, बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है, तो वहीं राज्य सरकार ने भी विपक्ष को घेरने के लिए रणनीति बनाई है।