कर्नाटक में जो हो रहा, उसमें हमारा हाथ नहीं: राजनाथ

भाजपा ने किसी विधायक और सांसद पर पार्टी बदलने को लेकर कोई दबाव नहीं डाला, इस्तीफों की शुरुआत राहुल गांधी ने की
नई दिल्ली, 8 जुलाई।
कांग्रेस-जेडीएस के 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट को लेकर सोमवार को लोकसभा में चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक के मौजूदा राजनीतिक हालात के पीछे भाजपा और केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। भाजपा ने किसी भी विधायक और सांसद पर पार्टी बदलने को लेकर कोई दबाव नहीं डाला। इससे पहले अधीर रंजन ने कहा, आप (भाजपा) 300 सीट जीते हैं, लेकिन आपका पेट नहीं भरा। यदि मेरा घर असुरक्षित है और वहां दस सोने और दस चांदी के सिक्के हैं, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि आप उसे चुराने के इरादे से आएं और लूटकर भाग जाएं। कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती है कि कोई विपक्षी पार्टी किसी राज्य या केंद्र की सत्ता में रहे। वह लोकतंत्र को खत्म कर रही।
यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला: राजनाथ ने जवाब में कहा, यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से ही इस्तीफा देने का चलन शुरू हुआ। एक से एक दिग्गज कांग्रेस नेता इस्तीफा दे रहे हैं। सरकार संसद की पवित्रता बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कर्नाटक में जो कुछ हो रहा है, उसमें हमारा कोई हाथ नहीं है।

आधार संशोधन बिल राज्यसभा में पास, बैंक खाता, सिम के लिए नहीं होगा अनिवार्य
संसद ने बैंक में खाता खोलने और मोबाइल फोन का सिम लेने के लिए आधार को स्वैच्छिक बनाने संबंधी आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019 को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी। राज्यसभा ने चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा में यह विधेयक पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को ही पारित किया जा चुका है। उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आधार में संरक्षित डाटा को पूरी तरह से सुरक्षित बताया। उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य सदस्यों द्वारा डाटा सुरक्षा कानून बनाने की मांग पर आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही डाटा संरक्षण विधेयक पेश करेगी। इसकी प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। प्रसाद ने इस विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा डाटा सुरक्षा को लेकर उठाये गए सवालों के जवाब में कहा, पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने आधार को कानूनी आधार दिये बिना ही लागू कर दिया था इसलिये यह निराधार था। इसे हमने कानूनी आधार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक उच्चतम न्यायालय के फैसले के आलोक में पेश किया गया है। आधार पर देश की करोड़ों जनता ने भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी के पास आधार नहीं होने की स्थिति में उसे राशन जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। इस बारे में कोई सूचना जाहिर करने के लिए धारक से अनुमति प्राप्त करनी होगी।