गर्भ गृह में विधायकों का प्रवेश प्रतिबंधित होना ही चाहिए: प्रजापति

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की आपत्ति-गर्भ गृह में बंद न हो विधायकों का प्रवेश लेकिन विधानसभा अध्यक्ष कहते हैं लोकसभा और छत्तीसगढ़ की परंपरा मध्यप्रदेश में क्यों नहीं?

विशेष साक्षात्कार
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। विधानसभा की कार्यवाही को अनुशासन के दायरे में लाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति गर्भ गृह में विधायकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। उन्होंने गर्भ गृह मे विधायकों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर एक प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। विधानसभा अध्यक्ष का मानना है कि विधानसभा की कार्यवाही में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो और जनता के हित के बात पर विधानसभा में एक स्वस्थ बहस की परंपरा कायम हो, मध्यप्रदेश विधानसभा का गौरवशाली इतिहास फिर से वापस लौटे, इसलिए वे चाहते हैं कि लोकसभा और छत्तीसगढ़ विधानसभा में जो नियम लागू किया गया है, वह मध्यप्रदेश विधानसभा में भी लागू होना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल से संक्षिप्त शब्दों में कहा कि विधानसभा की अपनी एक मर्यादा होती है, विधानसभा की कार्यवाही नियमों के तहत होनी चाहिए, इसलिए मेरा मानना है कि विधानसभा में जो विधायक अनुशासन तोड़ते हैं या असंसदीय आचरण करते हैं तथा अमर्यादित व्यवहार से सदन की गरिमा को तार-तार करते हैं, उस पर अंकुश लगना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमों के अंतर्गत कोई भी विधायक सदन के अंदर सवाल करेंगे, ध्यानार्कषण लाएंगे और तथ्यपरक जनहित के मुद्दों पर तर्क आधारित बहस करेंगे, उसे रोकने का अधिकार तो अध्यक्ष को भी नहीं है, इससे एक कदम आगे चलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय आचरण यदि अनुशासन की सीमाओं के अंदर रहकर कोई विधायक अपना पक्ष सदन में रखता है तो उनका संरक्षण करना मेरी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के नाते न तो मैं पक्ष हूं, और न ही विपक्ष हूं, मैं तो संपूर्ण रूप से निष्पक्ष हूं, यह बात सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष दोनों को ही समझना होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए, इसलिए सख्ती जरूरी है। एक प्रश्न के उत्तर में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को मेरे इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि हम सदन की गौरवशाली परंपराओं को कायम रख सकें। इसके लिए जरूरी है कि विधायकों के गर्भ गृह में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध हो, हालांकि अभी तक किसी प्रकार निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी, उसी बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति के इस प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसलिए समिति की बैठक में इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा।
पत्रकारों में असंतोष
विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में कुछ नए नियम लागू किए हैं, जो कि पत्रकारों को भी रास नहीं आ रहे। यही कारण है कि विधानसभा परिसर में मीडिया कर्मियों ने नई व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बता दें कि विधानसभा में प्रवेश और पार्किंग की नयी व्यवस्था से मीडिया कर्मियों में भी खासी नाराजगी है। हालांकि जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वो इस पूरे मामले में स्पीकर से चर्चा करेंगे।
विशेष साक्षात्कार के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।