2 घंटे में जांच करके विधान सभा के पटल पर रखें रिपोर्ट


विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आसंदी से कहा-

मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्री जानते हैं सदन में जवाब देना
प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल, 9 जुलाई।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को निर्देश दिए कि वे दो घंटे में जांच करके रिपोर्ट सदन के पटल पर रखें। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवाओं को 70 प्रतिशत नौकरी देने का वायदा हमने किया है। सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने प्रत्येक सवाल के जवाब पूरी संजीदगी से देते हुए कहा कि 15 वर्षों का पाप हम भुगत रहे हैं। दरअसल कांग्रेस के सुवासरा विधायक हरदीप डंग ने सवाल उठाया कि सुवासरा में शासकीय डॉक्टर अपने घर पर मरीजों का इलाज करते हैं, इसके लिए उन्होंने महंगी-महंगी जांच मशीन भी अपने घर में लगाई है। जिसकी वजह से डॉक्टर जोहरी शासकीय चिकित्सालय में अधिक समय नहीं देकर अपने घर पर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने विधानसभा को लिखित में जवाब दिया कि डॉ जोहरी का सुवासरा में कोई क्लिनिक नहीं है और न ही उन्होंने अपने निवास पर जांच मशीनें रखी हैं। विधायक डंग ने विभाग के जवाब पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए विधानसभा अध्यक्ष का संरक्षण चाहते हुए डॉक्टर के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से कहा कि वे दो घंटे में जांच कराएं और सदन के पटल पर जांच रिपोर्ट रखें। अध्यक्ष के आदेश के बाद विधायक डंग शांत हुए। मंत्री सिलावट द्वारा बताया गया कि विधायक डंग की आपत्ति के बाद डॉक्टर जोहरी का स्थानांतरण भी संभाग के बाहर कर दिया गया है।
नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण : सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेश के मूल निवासियों को 70 प्रतिशत आरक्षण देगी। इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा। मंगलवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों में राज्य के स्थायी निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। नई औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजना में आरक्षण के प्रावधान रखे गए हैं। कमलनाथ ने बताया कि औद्योगिक इकाई शुरू होने पर इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत कुल रोजगार का 70 प्रतिशत मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को ही देनी होगी। दरअसल, विधानसभा में मंदसौर से भाजपा विधायक यशपाल सिंह ने मप्र में रोजगार देने को लेकर सवाल पूछा था। इस पर मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश बीच बहस हुई। इसके बाद कमलनाथ ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश की गुजरात और पश्चिम बंगाल से तुलना नहीं हो सकती है। क्योंकि, उन राज्यों में वहीं की भाषा में परीक्षाएं होती हैं। गोविंद सिंह ने कहा कि पीएससी की परीक्षा में वही प्रतिभागी भाग ले सकेंगे, जिनका मध्यप्रदेश रोजगार पंजीयन विभाग में पंजीयन होगा। सरकार ने यह निर्णय कर लिया है।
किसान ऋण माफी और रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष ने किया हंगामा: सदन के भीतर ने विपक्षी दल भाजपा ने किसान ऋण माफी योजना और युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए जमकर हंगामा किया और 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष ने कमलनाथ सरकार को घेरने की बहुत कोशिश की, लेकिन कमलनाथ के मंत्रियों ने सदन में जो जवाब प्रस्तुत किए उससे वे सरकार का घेराव नहीं कर सके। मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने विभाग की तैयारी करके सदन में पहुंचे थे। इस वजह से विपक्ष की मंत्रियों के आगे एक नहीं चली। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के किसानों और युवाओं को धोखा दिया है। सरकार ने अभी तक न तो किसानों का कर्ज माफ किया है और न ही युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने भाजपा शासनकाल में शुरू की गई जनहितैषी योजनओं को भी बंद करने का काम किया है। पूरी सरकार सिर्फ तबादला उद्योग में लगी है। वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार ने पिछले 6 महीनों में प्रदेश की जनता को छलने का काम किया है। सरकार ने जनहित के मुद्दों पर अभी तक कोई भी ठोस रणनीति तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में प्रदेश की जनता से जो वादे किए हैं, वो उन्हें पूरे करने होंगे, नहीं तो हम सड़क से लेकर सदन तक सरकार का विरोध करेंगे।
विधायक यशपाल ने ध्यानार्कषण में उठाया दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग देने का मुद्दा: भाजपा विधायक यशपाल सिंह ने विधानसभा में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग देने का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दो साल से दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग नहीं मिले हैं। जिन लोगों का मेजरमेंट हो चुका है, उन्हें समय पर अंग नहीं मिले, जिससे वे अंग अब अनुपयोगी हो गए हैं। इस पर सामाजिक न्याय मंत्री लखन सिंह घनघोरिया ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिले में मेगा कैंप आयोजित कर कृत्रिम अंग देने का काम किया गया है।