रेरा को अपने स्वयं के निर्णय लागू करने और शक्तियां दी जाएं: अन्टोनी डिसा

रेरा अध्यक्ष दिल्ली में रियल एस्टेट क्षेत्र विकास और रणनीति पर आयोजित सेमीनार में हुए शामिल
विशेष संवाददाता
भोपाल, 12 जुलाई।
मप्र भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) अध्यक्ष अन्टोनी डिसा ने कहा है कि प्रदेशों के रेरा को अपने स्वयं के निर्णयों को लागू करने के लिए शक्तियां दी जानी चाहिए। इसके लिए यदि आवश्यक हो तो अधिनियम में संशोधन किया जाना चाहिए। वे आज नई दिल्ली में द एसोसिएटेड चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वारा ‘रियल एस्टेट सेक्टर के भविष्य के विकास और रणनीतिÓ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सांसद और पूर्व रेल और वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, केन्द्रीय सचिव शहरी विकास, देश भर के प्रमोटर, वित्तीय संस्थान और विशेषज्ञ सहित अन्य आमंत्रित सदस्य शामिल हुए।
अन्टोनी डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अवरूद्ध तथा मृतप्राय परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने की रणनीति पर काम किया है, ताकि होमबॉयर्स को संपत्ति का वितरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अवरण, अवरूद्ध एवं मृतप्राय रियल एस्टेट परियोजनाओं को पुन: जीवित करना जरूरी है। ऐसी परियोजनाओं के संबंध में समयबद्ध रणनीति बनाई जाना जरूरी है, जिससे ऐसी परियोजनाओं में यूनिट बुक करने वाले आवंटियों को समय पर घर मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और संबंधित रेरा को ऐसी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। रेरा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा संशोधन किया जाए, जिसमें गृह आवंटियों के हित में राष्ट्रीय कम्पनी विधि प्राधिकरण और रेरा संयुक्त रूप से विचार कर ऐसी परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य करे। साथ ही यदि आवश्यक हो तो कानूनों में आवश्यक बदलाव भी किए जाने चाहिए। सेमीनार में केंद्र सरकार के नए प्रस्तावित मसौदे के टेनेंसी एक्ट पर भी चर्चा की गई तथा इसे और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है, के संबंध में सुझाव भी दिए गए।