इतनी जल्दी में क्यों हैं मंत्री जी…

कमलनाथ सरकार को बने अभी 6 महीने हुए हंै, उसमें भी तीन महीने आचार संहिता में निपट गए, लेकिन कैबिनेट के कुछ मंत्री इतने उत्साहित हैं कि वो पांच साल के काम पांच दिन में ही कर लेना चाहते हैं। ऐसा ही मामला है कैबिनेट के एक मंत्री का, जिन्होंने दबाव बनाकर विभाग के एक प्रकल्प से अपने स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के लिए 11 करोड़ की विकास राशि स्वीकृत कराने की कोशिश की, लेकिन मंत्री जी की यह चाल उल्टी पड़ गई। मंत्री जी ने आनन-फानन में बिना अध्यक्ष के बोर्ड की बैठक बुलाई और अध्यक्ष की निधि से 11 करोड़ के प्रस्ताव पारित करा लिए, लेकिन उन्हीं के विभाग के आला अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई और आयुक्त (सहकारिता) ने सभी मेम्बरान को जवाब तलब करते हुए नोटिस थमा दिए। अब बेचारे सदस्य परेशान हैं कि सुनें तो किसकी? उल्लेखनीय है कि यह वाक्या मंत्री उमग सिंघार और लघु वनोपज संघ को लेकर ही लिखा गया है…। -खबरची