हमारे पालक चोर नहीं हैं


आयकर विभाग अब विद्यार्थियों से भरवाएगा घोषणा पत्र-

मुख्य संवाददाता
भोपाल, 12 जुलाई।
आयकर विभाग का राजस्व संग्रहण को बढ़ाने के लिए किया जा रहा प्रयोग विवादों में आ गया है। दरअसल आयकर विभाग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों से घोषणा पत्र भरवा रहा है कि उनके माता-पिता ईमानदारी से आयकर जमा करेंगे। अभिभावकों को विहग का यह कदम दबाव बनाने वाला लग रहा है। अभिभावकों का मानना है कि इस वजह से उनके बच्चे खुद को अपराध बोध से ग्रस्त मान रहे हैं। विद्यार्थियों से घोषणा पत्र भरवाने के पीछे जरूर आयकर विभाग की मंशा कर संग्रह को बढ़ाना हो, लेकिन इस कदम के द्वारा पालक/आश्रित के बीच विश्वास की दीवार दरकने का भी खतरा है। दरअसल स्कूली विद्यार्थियों के मन में अनायास ही कहीं यह बात घर न कर जाए कि उनके अभिभावक चोरी कर रहे हैं, और भावुकता में कहीं बच्चे डिप्रेशन में न चले जाएं। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय कुमार चौहान (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) ने बताया कि आयकर विभाग के बारे में विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए, हमारा विभाग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्कूलों में उनसे लिखित घोषणा पत्र हासिल कर रहा है, जिसमें वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके माता-पिता ईमानदारी से आयकर रिटर्न जमा करेंगे। आयुक्त ने कहा कि अब तक 35,000 विद्यार्थियों ने यह घोषणा पत्र भरा है, जबकि एक लाख विद्यार्थियों द्वारा ऐसा फार्म भरवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चौहान ने बताया कि 10 से 25 जुलाई तक 159वें आयकर दिवस पखवाड़े के तहत विभाग उत्सव के रुप में मनाएगा। इसमें आयकर विभाग मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के जिलों में सफाई और वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। आयकर विभाग का यह घोषणा पत्र भरवाने का कदम विद्यार्थियों को कितना जागरूक करता है, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इसके भविष्य में छात्र-छात्राओं के मस्तिष्क पर पडऩे वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर भी ध्यान देना होगा।