जबरदस्त कॉमेडी के साथ बेहतरीन मैसेज दे रही है फिल्म ” आई लव यू 2 “

फिल्म समीक्षा अरुण कुमार बंछोर
प्यार मोहब्बत, नोकझोक के पारिवारिक फिल्म है ” आई लव यू 2 “. 9 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई मन कुरैशी और मुस्कान साहू की जोड़ी ने सबका दिल जीत लिया है. फिल्म के डायलॉग जहां आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे तो कहीं-कहीं पर आप थोड़ा इमोशनल भी हो जाएंगे। कुल मिलाकर ये फिल्म इमोशनल और कॉमेडी का पूरा पैकेज है। अगर आप भी ” आई लव यू 2 ” को देखने का प्लान बना रहे हैं तो जल्दी कीजिये। शिक्षा , राखी और साफ़ सुथरी प्यार का सदेश है इस फिल्म में। निर्देशक उत्तम तिवारी ने इस फिल्म में जान डाल दी है. सब कुछ है ” आई लव यू 2 “में| कहानी की बात करें तो फिल्म की शुरुआत ही प्यारी से नोकझोक से शुरू होती है और शानदार सन्देश के साथ फिल्म ख़त्म होती है. सूरज (मन कुरैशी) किरण (मुस्कान साहू) से एकतरफा प्यार करता है. जब जब वह प्यार का इजहार करता है तब तब किरण उसे थप्पड़ मारती है इसके बाद भी वह हार नहीं मानता और अंत में प्यार की जीत होती है पूरी कहानी हम नहीं बताएँगे इसके लिए आपको टाकीज तक जाना होगा। फिल्म के मुख्य किरदार के रुप में यहां पर मन कुरैशी और मुस्कान साहू ने शानदार अभिनय कर बाजी मार ली है। उर्वशी साहू और उपासना वैष्णव की लड़ाई झगड़ा वाली कॉमेडी काफी पंसद आने वाला है। अगर राजू नागराची और जयन्ती मनहर की बात करें उनकी एक्टिंग भी किसी से कम नहीं है उन्होंने कॉमेडी किरदार में खुद को ढाल लिया है। फिल्म में आराध्या सिन्हा का ज्यादा भूमिका तो नहीं है फिर भी आराध्या ने मन कुरैशी की बहन का रोल बखूबी निभाया है.राखी का गाना दिल को छू जाने वाला है. किरण के बचपन का रोल निभाया है सानवी सुंदरानी ने. उनके अभिनय ने सबको खुश कर दिया है. सानवी एक बेहतरीन अदाकारा है इसमें कोइ शक नहीं। संजू साहू ने नायिका की माँ के किरदार के साथ न्याय किया है. प्रदीप शर्मा, नरेश यादव, संगीता निषाद का अभिनय भी काबिलेतारीफ है. पुष्पेंद्र सिंह का अभिनय जीवंत लगता है. फिल्म का निर्देशन उत्तम तिवारी ने कुछ इस तरह से किया है कि फस्ट हांफ में फिल्म आपको काफी हंसाने वाली है वहीं सेकेंड हांफ में दर्शक थोड़ा सा इंमोशनल हो सकते है क्योंकि ये एक भावनात्मक विषय पर बनी फिल्म है तो कुछ दर्शक ऐसे भी होंगे जो फिल्म के सेंकेंड हांफ को अपनी जिंदगी से जुड़ता हुआ देखेंगे। फिल्म अंत तक आपको बांधकर रखेगी। निर्देशन लाजवाब है. इस फिल्म में 5 गाने है सीन के हिसाब से बैकग्राउंड म्यूजिक काफी अच्छा है। फिल्म के सभी गाने बेहतरीन है। गाने को सुनकर आप भी थियेटर में डांस करने को मजबूर हो जाएंगे। ऐसा कह सकते हैं कि सभी गाने आपको काफी पंसद आएगा।