मुख्यमंत्री ने रेडियो के जरिए जनता तक पहुंचाई बात

रायपुर । जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा है संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की संख्या कम होते जा रही है और वैसे-वैसे ही संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की अधीरता और आक्रोश बढ़ते जा रहा है बावजूद इसके उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है और लगातार संयम के साथ सरकार और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं ।इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि आंदोलन और अन्य किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन कर बच्चों की पढ़ाई को नुकसान पहुंचाने के बजाय संविलियन से चूक गए शिक्षाकर्मी सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात सरकार के सामने रख रहे हैं जो कि वर्तमान समय में सबसे प्रभावी जरिया है।
स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टि्वटर के कमेंट पर संज्ञान लेते हुए कुछ महीने पहले ही शिक्षाकर्मियों को वेतन दिलवाया था। में एक बार फिर शिक्षाकर्मियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी मांग पर संज्ञान जरूर लेंगे और यदि त्वरित सौगात नहीं देंगे तो कम से कम इस बात की घोषणा करेंगे कि प्रदेश के शिक्षाकर्मियों को 2 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर जो संविलियन का वादा किया गया था वह किस तिथि को पूरा किया जाएगा।यदि मुख्यमंत्री इस बात की भी घोषणा कर देते हैं तो कम से कम शिक्षाकर्मियों को यह तो पता चल ही जाएगा कि उन्हें संविलियन का लाभ कब मिलेगा ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज से आकाशवाणी को जनता तक अपनी बात पहुंचाने का जरिया बनाया है और लोकवाणी कार्यक्रम कि आज शुरुआत हुई फेसबुक पेज पर इस का लाइव प्रसारण हुआ और इस पर शिक्षाकर्मियों ने संविलियन की मांग की झड़ी लगा दी अधिकांश कमेंट वर्ष बंधन को खत्म करके संविलियन प्रदान करने की ही है. और शिक्षाकर्मियों ने भावुक खोकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी है और बताया है कि किस तरह वह वेतन से लेकर हर छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए शासन प्रशासन का मुंह ताकने को मोहताज हो रहे हैं । हालांकि सौगात मिलने की तो उम्मीद कम ही है लेकिन देखना होगा कि मुख्यमंत्री के तरफ से शिक्षाकर्मियों को कोई ठोस आश्वासन मिलता है या नहीं ।