महाकाल मंदिर के विकास की 300 करोड़ की योजना शुरु होगी


अंतिम रूप देने मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति गठित, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विश्व में मध्यप्रदेश की पहचान भगवान महाकाल मंदिर से
भोपाल, 17 अगस्त।
भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 करोड़ की योजना शुरू होगी। महाकाल मंदिर के विस्तार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्रियों की एक त्रिस्तरीय सदस्य समिति गठित होगी। इसके साथ ही महाकाल मंदिर के अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में यह निर्देश आज मंत्रालय में भगवान महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और सुविधाओं के विस्तार पर हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना समय-सीमा आधारित हो जिसमें काम शुरु होने से लेकर उसके पूरे होने तक का समय निर्धारित हो। नाथ ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव करेंगे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बैठक में कहा कि भगवान महाकाल के कारण पूरे विश्व में मध्यप्रदेश की पहचान है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केन्द्र का सुनियोजित विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सिर्फ दर्शन करने के लिए नहीं आए बल्कि उज्जैन में ऐसी व्यवस्थाएँ हों, जिसके कारण वह एक-दो दिन रूके, इसमें महाकाल मंदिर से जुड़ी पौराणिक गाथाएं तथा अन्य आकर्षण शामिल हैं। इससे उज्जैन शहर और यहां के रहवासियों का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान महाकाल मंदिर में मूल ढांचे के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री नाथ के निर्देश पर गठित मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति में उज्जैन जिले के प्रभारी एवं लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, अध्यात्म विभाग के मंत्री पी.सी. शर्मा एवं नगरीय निकाय मंत्री जयवर्धन सिंह सदस्य होंगे। यह कमेटी महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों, जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर विकास और विस्तार के संबंध में आवश्यक निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने समिति को निर्देशित किया कि अगले तीन दिन में यह बैठक हो। उन्होंने महाकाल मंदिर एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव भी इसी माह मंत्रिमंडल से अनुमोदित करवाने और 30 सितम्बर तक महाकाल मंदिर के विकास की योजना को अंतिम रूप देकर काम शुरु करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कमलनाथ के समक्ष प्रस्तुत महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार योजना में बताया गया कि यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही प्रवेश और निर्गम, फ्रंटियर यार्ड, नंदी हाल का विस्तार, महाकाल थीम पार्क, महाकाल कॉरिडोर, वर्केज लॉन पार्किंग आदि का विकास और निर्माण होगा। द्वितीय चरण में महाराज बाड़ा, काम्पलेक्स, कुंभ संग्रहालय, महाकाल से जुड़ी विभिन्न कथाओं का प्रदर्शन, अन्नक्षेत्र, धर्मशाला, रुद्रसागर की लैंड स्केपिंग, रामघाट मार्ग का सौंदर्यीकरण, पर्यटन सूचना केन्द्र, रुद्र सागर झील का पुनर्जीवन, हरि फाटक पुल, यात्री सुविधाओं एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण भी विस्तार किया जाएगा।

पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल की व्यवस्थाओं की सुध ली
बैठक में महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष पुजारी ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर के विकास और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रालय में बैठक की है। उन्होंने इसके लिए पुजारियों और श्रद्धालुओं की ओर से मुख्यमंत्री कमलनाथ को धन्यवाद दिया। महाकाल मंदिर के पुजारियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया और उन्हें भगवान महाकाल का प्रसाद दिया। बैठक में लोक निर्माण एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, अध्यात्म एवं जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह उज्जैन जिले के विधायक मनोज चावला, महेश परमार, मुरली मोरवाल जनपद अध्यक्ष अजीत, महाकाल प्रबंधन समिति के सदस्य आशीष पुजारी, विजय शंकर एवं दीपक मित्तल उपस्थित थे।