मध्यप्रदेश में न्याय की सरकार: कमलनाथ


अजाक्स के प्रांतीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा-संविधान के अनुरूप सबको मिला न्याय, डॉ. बाबा साहब अंबेडकर का विश्व करता है सम्मान
विजय कुमार दास
भोपाल, 18 अगस्त।
अवसर था जब आज अजाक्स अर्थात अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन को मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री कमलनाथ का संबोधन हो रहा था, तब उन्होंने खचाखच भरी सभा में अपने एक संस्मरण को सुनाते हुए कहा कि जब वे अफ्रीका के एक देश में गए, तब वहां उन्होंने देखा कि देश के मुखिया के कक्ष में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी हुई है। उन्होंने पूछा कि यह तस्वीर आपके यहां क्यों लगाई गई तो उन्हें जवाब मिला कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने अफ्रीका के देशों के लिए संविधान बनाया। संस्मरण सुनाते हुए कमलनाथ ने कहा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के संविधान बनाने में मदद की है और आज इसीलिए पूरा विश्व उनका सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का ही संविधान है, जिनके माध्यम से सबको न्याय मिला है और मेरी सरकार उसी संविधान के अंतर्गत न्याय की सरकार है। इसलिए अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष जयंत कंसोटिया और सभागार में उपस्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारी एवं कर्मचारियों के प्रांतीय अधिवेशन को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि 10 पेज का ज्ञापन उन्हें जो सौंपा गया है, उसके साथ न्याय होगा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अजाक्स से अपेक्षा करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी भटक रही है, उन्हें भी सामाजिक मूल्यों से जोडऩे में अजाक्स अहम भूमिका निभाए, ऐसी मेरी अपेक्षा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन ही युवाओं को भ्रमित होने से बचा सकता है और इससे आगे बढ़कर अजाक्स वर्ग के भी युवा यदि आधुनिक तकनीकी से जुड़कर अपना भविष्य बनाएं तो मध्यप्रदेश बहुत आगे जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सैकड़ों जातियां हैं, हर 200 किमी पर भाषाएं बदल जाती हैं, खानपान बदल जाता है, संस्कृति बदल जाती है, उसके बावजूद भी हमारा भारत एक झंडे के नीचे मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा पूरे विश्व में भारत जैसा देश जहां सभ्यता और इतिहास में न्याय को विशेष स्थान मिला है, ऐसा गर्व करने लायक और कोई देश नहीं है। कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार में न्याय की कभी कमी नहीं होगी, वे घोषणाओं और आश्वासनों पर विश्वास नहीं करते। वे न्याय और निर्णय पर विश्वास करते हैं इसलिए अजाक्स को यह भरोसा हो जाना चाहिए कि जब अगली बार अजाक्स का प्रांतीय सम्मेलन होगा, तब उन्हें 10 पेज का मांग पत्र नहीं सौंपना होगा।
‘इस अवसर पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने यह भरोसा जताया कि वे होशंगाबाद और हरदा जिले के प्रभारी हैं, यदि उनके पास अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के नौकरशाह को कलेक्टर बनाने का प्रस्ताव आएगा तो वे मुख्यमंत्री से अनुरोध करके तत्काल आदेश प्रसारित करवा देंगे।Ó पीसी शर्मा ने यह भी कहा कि नोटरी और सरकारी वकीलों की नियुक्ति में भी अजाक्स के प्रतिनिधियों का गंभीरता से ध्यान रखा जाएगा। कार्यक्रम को गृह मंत्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री लखन घनघोरिया ने भी संबोधित किया। अजाक्स के विजय शंकर श्रवण, एसएस सूर्यवंशी और सीएस धुर्वे ने मांग प्रस्तुत करते हुए पिछले कई वर्षों से रुके हुए बैकलॉग के 2900 पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।