सोनिया गांधी ने कमलनाथ से कहा-दबाव में नहीं, बेफिक्र होकर करो काम


दिग्विजय-सिंधिया की मंत्रालय में अनावश्यक हस्तक्षेप से नाराज है गांधी परिवार, इसलिए

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे बिना किसी दबाव के पूरी आजादी के साथ मध्यप्रदेश की सरकार का बेहतर मुख्यमंत्री के रूप में संचालन करें। श्रीमती गांधी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह के समर्थक मंत्रियों, विधायकों तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के मंत्रियों एवं विधायकों द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर मचाए गए तांडव से भयंकर नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार कांग्रेस को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ कभी भी ठोस कदम उठाने में नहीं हिचकती और ऐसा संदेश समझा जाता है कि मध्यप्रदेश के उन सभी नेताओं को दे दिया गया है, जो चाहते हैं कि मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएं और यह पद दिग्विजय सिंह के गुट को या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपा जाए या फिर सिंधिया जिसे कहें, उसे प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाए।
बताया जाता है कि श्रीमती सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी दोनों ने यह तय कर लिया है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से तब तक मुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का विधिवत चुनाव संपन्न नहीं हो जाता। मतलब साफ है कि अब आने वाले एक वर्ष तक प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे और यदि कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया की बात पर विश्वास किया जाए तो यह बात तय है कि सोनिया गांधी दिग्विजय-सिंधिया के मंत्रालय में आकर अनावश्यक दबाव बनाने की राजनीति को भी पसंद नहीं कर रही हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि अब कमलनाथ को नेतृत्व की दूसरी पंक्ति भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जिसके तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्रीमती शोभा ओझा, नकुलनाथ, बाला बच्चन, पीसी शर्मा, तरुण भानोत, जयवद्र्धन सिंह, उमंग सिंघार, सज्जन वर्मा, विजयलक्ष्मी साधौ, गोविन्द राजपूत, तुलसी सिलावट, सचिन यादव और प्रियवत सिंह सब मिलकर विधायकों के साथ तथा पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।
बताते हैं कि श्रीमती सोनिया गांधी ने यह भी कहा है कि यदि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को कोई शिकायत है तो मुख्यमंत्री के निवास पर जाकर अपना मजबूती से पक्ष रखें, लेकिन नौकरशाही में और पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ शासकीय अमले में इस अफवाह को फैलने से रोकें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को अस्थिर किया जा सकता है। श्रीमती गांधी ने साफ कहा कि चाहे दिग्विजय सिंह हों या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया हों, उनके किसी भी सार्वजनिक बयान से और राजनीतिक उठापठक से भाजपा के लोगों को फायदा नहीं मिलना चाहिए। जहां तक सवाल है सरकार की उपलब्धियों का, उसके लिए स्वयं मुख्यमंत्री मीडिया के सामने आएं और समझदार नेताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपें कि ऊल-जुलूल बयानों से जिले स्तर के सभी नेताओं को प्रतिबंधित किया जाए। उल्लेखनीय है कि गुटबाजी के आधार पर मेहन्द्र सिंह सिसोदिया के निवास से शुरू हुई राजनीति ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार को इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब दोनों तरफ से एक-दूसरे का सीना चीरने वाला तीर रोज छोड़ा जा रहा है, जिसके आघात ऐसे हैं कि अब मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद खफा हैं, हालांकि वे कहते हैं शालीनता से मनोरंजन हो रहा है, मुझे तो जनता के हित में और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए बेहतर काम करना है, सो मैं कर रहा हंू।
सूत्रों के अनुसार अब मुख्यमंत्री कमलनाथ भी आत्मविश्वास से लबरेज हैं तथा आत्मनिर्भर भी हो चुके हैं। अब वे दिग्विजय सिंह को सुपर सीएम बनाकर रखने के आरोप को सिरे से खारिज करते हैं और कहते हैं कि चूंकि दिग्विजय दस साल मुख्यमंत्री थे और वे सभी नौकरशाहों को ठीक से जानते थे, इसलिए आज तक मैंने उन्हें सहयोग करने के लिए कहा था, लेकिन इसका इतना विपरीत असर पड़ेगा, ऐसी उम्मीद उन्हें नहीं थी। जहां तक सवाल है ज्योतिरादित्य सिंधिया का, वे एक अतिउत्साही नेता हैं, इसीलिए कभी-कभी बड़े-बड़े बयान आते हैं, लेकिन कमलनाथ बिल्कुल विचलित नहीं हैं। श्रीमती सोनिया गांधी को कमलनाथ ने भी विश्वास दिलाया है कि अब मध्यप्रदेश में उठा-पटक की राजनीति पर विराम लग जाएगा, कांग्रेस की सरकार उनके नेतृत्व में 5 वर्षों में इतना काम करके दिखाएगी कि आने वाले दस वर्ष तक मध्यप्रदेश में कांग्रेस को कोई हरा नहीं पाएगा। इस रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा है कि कमलनाथ ही असली मुख्यमंत्री हैं, मध्यप्रदेश में कोई सुपर सीएम नहीं है और ना ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश में हस्तक्षेप करने दिया जाएगा। शायद इसलिए महाराज आपको महाराष्ट्र भेज दिया गया है।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।