हनी ट्रैप कांड से कमलनाथ सरकार के दुश्मन हुए पस्त

विशेष संपादकीय
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश में व्यवसायिक राजधानी इंदौर से लेकर राजधानी भोपाल तक जुड़े हनी ट्रैप कांड को लेकर पुलिस विभाग में इन कुचरित्र रसूखदारों की जांच जमीन के नीचे 100 फीट तक अर्थात सीबीआई की शक्ल में जड़ तक जाकर करने का फैसला किया है। यह लिखना गलत नहीं होगा कि जो राजनेता, नौकरशाह और तथाकथित पत्रकार संदेह के घेरे में हैं, वे सभी लोग कमलनाथ सरकार को अपदस्थ करने की साजिश में शामिल बताए जाते हैं। स्मरण हो कि मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ ने जिस दिन से मध्यप्रदेश का शासन संभाला है, उसी दिन से अपनी हर सभाओं में देश के युवाओं के भविष्य की चिंता करते हुए बार-बार यह दोहराया है कि युवाओं को भटकाव से रोकना होगा। उन्होंने यह कहा है कि विभिन्न धर्मों वाला यह देश, विभिन्न भाषाओं वाले अलग-अलग राज्य और भारत की अखंडता हमारी ताकत है। जिसका मूल कारण है हमारी संस्कृति, चरित्र और अध्यात्म। पत्रकारिता के लंबे अंतराल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने युवाओं के चरित्र और भविष्य की चिंता की है, ऐसा मुझे महसूस हुआ है। इसीलिए मैं लिख भी रहा हूं कि मध्यप्रदेश के युवाओं की यह भी चिंता है कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार स्थायी एवं मजबूत रूप से चले, इसलिए मेरा इस संपादकीय के माध्यम से अनुरोध है कि मुख्यमंत्री को स्वयं हनी ट्रैप कांड से जुड़े संदिग्ध लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए पुलिस को स्वतंत्र कर देना चाहिए।
हम दावे से यह नहीं कह सकते कि हनी ट्रैप कांड से जुड़े हर एक रसूखदार आपका दुश्मन होगा। लेकिन यह दावे से कह सकते हैं कि हनी ट्रैप कांड से जुड़ा हर व्यक्ति इसलिए अपराधी है, क्योंकि वह मध्यप्रदेश के युवाओं के चरित्र को भी बिगाड़ रहा है। हो सकता है कि हनी ट्रैप कांड से जुड़ा राजनेता, नौकरशाह तथा संदेह के घेरे में आने वाले दो-चार तथा कथित पत्रकार जिनके नाम अभी उजागर नहीं हुए हैं, इनकी जड़ तक जाने से पता लग सकता है कि चरित्रहीन और षडय़ंत्रकारी कौन-कौन लोग हैं। हम यह कहते हैं कि सरकार कमलनाथ की हो, कांग्रेस की हो या भाजपा की हो, चरित्रहीन लोगों के प्रति उदारता जरूरी नहीं है। यह बात अलग है कि जब पुलिस हनी ट्रैप कांड की गहराई में जाकर जांच करेगी तो फायदा राज्य के युवाओं को भी मिलेगा जो भटकाव के रास्ते पर हैं और आपकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों पर भी विराम लग जाएगा।
सवाल यह उठता है कि जब हनी ट्रैप कांड में फंसे लोगों को सजा मिलेगी तो उस समय आपसे लोग सवाल पूछ सकते हैं, इतनी कड़ाई से पहले किसी घटना की जांच नहीं हुई तो आज क्यों, तब आपको इस तरह के हर सवाल के उत्तर के लिए तैयार रहना होगा। यह जानकर मुख्यमंत्री के रूप में आपको खुशी जरूर होगी कि हनी ट्रैप कांड का खुलासा मतलब कमलनाथ सरकार के दुश्मनों के हौसले पस्त। और तो और संपादकीय का लब्बोलुआब यह है कि यदि कांग्रेस एकजुट होती है तो कमलनाथ सरकार को 5 साल चलने से कोई रोक नहीं सकता।
विशेष संपादकीय के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।