मनमोहन को न्योता मोदी को नहीं


इस्लामाबाद, 30 सितंबर। भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर को खुलेगा। भारत ने तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क लेने की पाक की मांग खारिज कर दी है। करतारपुर कॉरिडोर के बहाने पाकिस्तान ने नई चाल चली है, पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को न्योता देगी, पाकिस्तान सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण नहीं देगी, भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर को खोला जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर को मुलाकात की थी, प्रतिनिधिमंडल ने करतारपुर गलियारे को आगे बढ़ाने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि वे उन पर गर्व करते हैं और उनका पूरा समर्थन करते हैं। नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में सिख, कश्मीरी पंडित और दाउदी बोहरा समुदाय के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की थी, सिख समुदाय के 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को सरोपा भेंट किया। हाल में भारत ने अभी तीर्थ यात्रियों से सेवा शुल्क (सर्विस फीस) लेने की पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया था, पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे के माध्यम से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूलने का प्रस्ताव रखा था। विदेश मंत्रालय (एमईए) के एक बयान में कहा गया, कुछ खास मुद्दों पर मतभेदों के कारण समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका, बयान में कहा गया, पाकिस्तान ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क लेने पर जोर दिया है, जो गलियारे की सुगम और आसान पहुंच के लिए सहमत होने वाली बात नहीं है। करतारपुर साहिब गलियारा भारत के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान के नरोवाल में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ता है।