गांधी के रास्ते पर नहीं चले तो हम और हमारी संस्कृति दोनों नष्ट हो जाएंगे : कमलनाथ


देश, दुनिया और समाज में तनाव से मुक्ति का सशक्त माध्यम है गाँधी मार्ग : मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय हिन्दी मेल टीम
भोपाल ,2 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने देश की युवा पीढ़ी का आव्हान किया है कि वे गाँधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाएँ तथा जीवन में उस पर अमल करें। उन्होंने कहा कि गाँधी जी के मूल्यों को सुरक्षित रखकर ही हम मानव जाति को संकट से बचा सकते हैं। कमल नाथ गाँधी जयंती पर संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन में आयोजित गाँधी पर्व समारोह का शुभारंभ कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी ने पूरे विश्व को अपने विचारों, सिद्धांतों और मूल्यों से जोड़ा। उनका सम्पूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति में रचा-बसा था। वे अपने कर्म और आचरण को समान रखते थे। उन्होंने एक साधारण लिबास के जरिए न केवल हिन्दुस्तान में अहिंसक क्रांति की बल्कि पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से कहा कि वे गाँधी को जाने। उन्होंने कहा कि गाँधी जी की सोच और विचार में भारतीय संस्कृति और उसकी विविधता, सद्भाव, समानता तथा एकता का समावेश है। उन्होंने कहा कि गाँधी जी को अपने जीवन में अपनाने से न केवल अपने देश को बल्कि दुनिया को विभिन्न संकटों से मुक्ति दिला सकेंगे।संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि बापू नाम के छोटे से शब्द में पूरे हिन्दुस्तान और दुनिया को हिला कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व में हथियारों की होड़, आतंकवाद और धार्मिक उन्माद की चुनौतियाँ सामने हों, तब हमें राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचार प्रासंगिक लगते हैं। उन्होंने बताया कि गाँधी जी जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए संस्कृति विभाग द्वारा रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न बोलियों में जो राष्ट्रभक्ति के गीत गाये जा रहे थे, उनका दस्तावेजीकरण भी किया जा रहा है।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गाँधी पर्व पर फिर गाँधी कला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में गाँधी जी के जीवन और विचारों पर आधारित चित्र, शिल्प और पोस्टर प्रदर्शित किये गये। प्रदर्शनी में गाँधी जी को आधुनिक तकनीक के जरिए आम लोगों तक पहुंचाने से संबंधित सुबोध केरकर द्वारा बनाये गये एप को भी रेखांकित किया गया है। प्रदर्शनी में वर्ष 1937 में महात्मा गाँधी की हृदय संबंधी जाँच का दस्तावेज भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति दिल्ली एवं मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से आयोजित खादी कला प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया। कमल नाथ ने इस मौके पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा गाँधी जी की मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों पर 50 वर्ष पूर्व प्रकाशित पुस्तक के पुन: प्रकाशन का विमोचन किया। गाँधी जी पर पंडित विश्वम्भरनाथ पाण्डे द्वारा लिखित पुस्तक मरेठ के गाँधी, प्रोफेसर महेशदत्त मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक हरदा के गाँधी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री ध्रुव शुक्ला द्वारा संपादित गाँधी पर केन्द्रित साक्षात्कार पत्रिका, आश्रम भजनावली के गीत एवं सुराज गीत आधारित चित्र अभिव्यक्तियों का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गाँधी के विचारों, आदर्शों और दर्शन पर समर्पित पुणे की लोकायत्त संस्था को उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए राष्ट्रीय महात्मा गाँधी अलंकरण सम्मान दिया गया। सम्मान स्वरूप संस्था के नीरज जैन को दस लाख रूपये की सम्मान निधि, शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रशस्ति वाचन प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती भी उपस्थित थे।

देश, दुनिया और समाज में तनाव से मुक्ति का सशक्त माध्यम है गाँधी मार्ग: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि आज देश, दुनिया और समाज में जो तनाव है, उससे मुक्त होने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों को अपना कर उनके दिखाए गए मार्ग पर चलना जरूरी है। मुख्यमंत्री आज यहाँ महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर आयोजित पद-यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने रोशनपुरा चौराहे से मिंटो हाल स्थित गाँधी जी की प्रतिमा तक पद-यात्रा की। कमल नाथ ने महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे पुरानी विधानसभा के चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थल पर पहुँचे और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी सिर्फ भारत ही नहीं, विश्व के नेता थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्य स्थल पर भी महात्मा गाँधी का चित्र लगा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में एक समय ऐसा आता है, जब सही राह की आवश्यकता होती है। आज हमारे देश, समाज और पूरी दुनिया में जो हालात हैं, उसका निदान महात्मा गाँधी के बताए मार्ग पर चलकर ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने अपने साधारण व्यक्तित्व से अंग्रेजों का मुकाबला कर उनसे भारत को मुक्ति दिलाकर असाधारण और अभूतपूर्व काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश अगर गाँधी जी के रास्ते पर नहीं चला, तो मुझे यह कहने में कतई संकोच नहीं है कि हम और हमारी संस्कृति, दोनों नष्ट हो जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को गर्व है कि उसका नेतृत्व महात्मा गाँधी जैसे महानतम् व्यक्ति ने किया है। आज कांग्रेस पार्टी समाज को देश को जोडऩे की अगर बात करती है, तो यह देन महात्मा गाँधी की है। उन्होंने कहा कि बापू के प्रति हमारी निष्ठा और सम्मान है, तो यह हमारे देश और समाज के लिए भी है।इस अवसर पर मिंटो हाल स्थित गाँधी जी के प्रतिमा स्थल पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में श्रीमती विभा शर्मा और उनके साथियों द्वारा गाँधी जी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीर पराई जाने रे” और ‘पायो जी मैंने, राम रतन धन पायो” की अविस्मरणीय प्रस्तुति दी गई।सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवसंजय कपूर, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्षचंद्रप्रभाष शेखर, महामंत्री राजीव सिंह, कांग्रेस मीडिया प्रकोष्ठ की अध्यक्ष शोभा ओझा, कांग्रेस मीडिया समन्वयकनरेन्द्र सलूजा, प्रकाश जैन, कैलाश मिश्रा, अरूण श्रीवास्तव, गोविंद गोयल, मोहम्मद सलीम एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताउपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा ‘मध्यप्रदेश और गाँधी जीÓ पुस्तक का लोकार्पण
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज यहाँ भारत भवन में गाँधी जयंती पर आयोजित ‘गाँधी पर्वÓ समारोह में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मध्यप्रदेश और गाँधी जी पुस्तक का लोकार्पण किया। ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश और गाँधी जी पुस्तक का प्रथम संस्करण वर्ष 1969 में गाँधी जन्मशती वर्ष पर प्रकाशित किया गया था। आधी शती के बाद, अब गाँधी जी के 150वें जन्म-दिवस पर इस पुस्तक का पुन: प्रकाशन किया गया है।यह पुस्तक गाँधी जी की तत्कालीन मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों के संकलन का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक दो हिस्सों में परिपूर्ण है। पहला खण्ड पदचिन्ह गाँधी जी द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों में की गई दस यात्राओं पर केन्द्रित है। दूसरे खण्ड प्रेरणा में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा पूर्ण रूप से अनुप्राणित स्वाधीनता आंदोलन की चर्चा है, जिसने पूरे मध्यप्रदेश में जन-जागृति के नये मंत्र का संचार किया था।पुस्तक में प्रकाशित संदेश में मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि गाँधी जी का दर्शन और विचार समय की सीमाओं से परे है और हर काल-खण्ड में प्रासंगिक है। यही कारण है कि आज भी किसी राष्ट्रीय समस्या पर सम्यक रूप से विचार करने की प्रक्रिया गाँधी जी के बगैर संभव नहीं लगती।आयुक्त एवं सचिव जनसम्पर्क पी. नरहरि ने पुस्तक के प्राक्कथन में कहा कि महात्मा गाँधी की जीवन-यात्रा, दर्शन, चिंतन, दृष्टि और विचारों की सम्पदा से नई पीढ़ी भी अपना मार्ग प्रशस्त कर सकेगी। इससे नई पीढ़ी वैचारिक रूप से भी समृद्ध होगी।

विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए सोच में परिवर्तन लाए आम आदमी
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के साथ आम आदमी को भी अपनी सोच में परिवर्तन लाना होगा। श्री कमल नाथ आज यहाँ लाल परेड ग्राउण्ड में शहर की सरकार-आपके द्वार और श्रम विभाग की योजनाओं के पोर्टल तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए वूमेन्स कार रैली का शुभारम्भ कर रहे थे। कार्यक्रम में भोपाल जिले के प्रभारी सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा तथा उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि जन-सुविधाओं को आसानी से लोगों तक पहुँचाने के लिए जिन योजनाओं को आज प्रारंभ किया जा रहा है, उसके लिए आज से बड़ा ऐतिहासिक दिन कोई दूसरा हो नहीं सकता था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर हम उनके विचारों के अनुरूप ही जरूरतमंदों को मदद करने की शुरूआत करने जा रहे है। श्री कमल नाथ ने कहा कि महात्मा गांधी पर्यावरण के प्रति सजग थे। उन्होंने वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए देसी तरीके अपनाए थे और लोगों को भी इसके लिये प्रेरित किया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएँ तो बहुत अच्छी बनती हैं लेकिन उसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी होने के कारण लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन योजना शुरू होने से हम अपने डिलीवरी सिस्टम में सुधार ला सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल को स्वच्छता और अन्य क्षेत्रों में अव्वल बनाने के लिए सरकार के साथ लोगों के सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने बताया कि केन्द्र में पर्यावरण मंत्री रहते उन्होंने भोपाल की बड़ी झील के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं में धन राशि उपलब्ध कराई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी लोग मिलकर अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाएँ। उन्होंने लोगों से प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आव्हान किया।नगरीय विकास एवं आवस मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश में पहला राज्य है, जहाँ ‘शहर की सरकार-आपके द्वार’ अभियान का मुख्यमंत्री आज शुभारंभ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 378 नगरीय निकायों में यह अभियान चलेगा। हर वार्ड में कैम्प लगाए जाएँगे और लोगों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि नगरीय निकायों में जन-सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। आम नागरिक अपने मोबाइल से जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र तथा व्यापार, व्यवसाय से जुड़े लायसेंस, नल कनेक्शन आदि सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। कार्यक्रम को श्रम मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया और भोपाल नगर निगम के महापौर आलोक शर्मा ने भी संबोधित किया।मुख्यमंत्री ने लाल परेड ग्राउण्ड से महिलाओं की पर्यावरण और स्वच्छता कार रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने सफाई दरोगाओं को दी जा रही ई-मोटर बाइक एवं नए स्वच्छता वाहनों तथा श्रम कल्याण मंडल के पोर्टल का लोकार्पण किया। मंडल के इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के छ: लाख श्रमिकों एवं उनके परिवार को 10 योजनाओं का लाभ मिलेगा। वे परिवार घर बैठकर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम मंडल की अनुग्रह सहायता योजना में श्रीमती संगीता चौधरी तथा सेमलदास सोनवानी को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस मौके पर स्वच्छता गीत का विमोचन किया और सफाई मित्रों को वाहन, ड्रेस तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदान किए। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों तथा स्व-सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया।समारोह में विधायक श्री आरिफ मसूद, नगर निगम परिषद के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।