शाह खर्ची तो होगी, लेकिन सरकारी खजाने से नहीं

18 अक्टूबर से कमलनाथ सरकार का पहला इन्वेस्टर समीट होने जा रहा है। प्रयास है कि इस बार कम से कम ऐसे निवेशकों को बुलाया जाए जो प्रदेश में सिर्फ निवेश करें, मेहमान नवाजी कर ना जाएं। इसके पहले मध्यप्रदेश में प्रथा थी कि ऐरे-गैरे-नत्थु खैरे को निवेशक के नाम पर बुलाया जाता था और उनकी मेहमान नवाजी में करोड़ों लुटा दिए जाते थे और प्रदेश को निवेश के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता था। इस बार प्रदेश के मुखिया ने तय कर लिया है कि गिनती के 40 ऐसे निवेशक बुलाए जाएंगे, जो प्रदेश में वास्तविक में निवेश करेंगे। इसके अलावा यदि कोई अन्य उद्योगपति आया और उस पर उसका सत्कार किया गया तो जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी, इस फरमान के बाद कईयों के हाथ-पांव फूल रहे हैं जिन्हें मुफ्तखोरी की लत हैं … खबरची