कांतिलाल भूरिया की जीत के लिए कमलनाथ ने बाला बच्च्न को हनुमान बनाकर भेजा

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
झाबुआ।
मप्र में कांग्रेस की राजनीति अब टर्निंग पाइंट पर है और ये टर्निंग पाइंट कहीं और से नहीं बल्कि आदिवासी बाहुल्य जिला झाबुआ जहां पर झाबुआ विधानसभा का उपचुनाव आगामी 21 अक्टूबर को संपन्न होने जा रहा है, वहां पर तय होगा। मतलब साफ है कि झाबुआ विधानसभा क्षेत्र यदि कांग्रेस की झोली में आती है तो कांग्रेस के पास विधानसभा में संपूर्ण बहुमत अर्थात 116 सीटें हो जाएंगी। इसीलिए मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में रण जीतने के लिए चाणक्य नीति अपनाने का फैसला कर लिया है। इसी के चलते संभावित बागी होने वाले उम्मीदवार जेवियर मेढ़ा को पटा लिया गया है और जेवियर मेड़ा मुख्यमंत्री कमलनाथ के आश्वासन के बाद कांतिलाल भूरिया के साथ गांव-गांव और गली-गली घूम रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री को ये भी पता है कि झाबुआ विधानसभा में जीत बिना हनुमान के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने गृहमंत्री बाला बच्चन को अपना हनुमान बनाकर भेज दिया है। राष्ट्रीय हिंदी मेल के प्रतिनिधि से कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया ने अपने 40 वर्षों के राजनीतिक सफर का अनुभव साझा किया और कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा आठ महीनों की सरकार में आदिवासियों के लिए जितना कुछ किया गया है उतना तो पिछले 15 साल में कभी नहीं हुआ। कांतिलाल भूरिया ने दावा किया कि झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में गृहमंत्री बाला बच्चन और पर्यटन मंत्री हनी बघेल दोनों उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। और जेवियर मेढ़ा तो पूरे चुनाव में उनके सारथी बने हुए हैं। इसलिए उनकी जीत पक्की है। जब कांतिलाल भूरिया से हमने पूछा कि सबसे बड़ा मुद्दा ऐसा क्या है जिस पर आप चुनाव जीतने वाले हैं, तो उनका दो टूक जवाब था-कमलनाथ सरकार की आदिवासियों के हित में कम समय में लिए गए बड़े फैसले। उसके बाद जब हमने गृहमंत्री बाला बच्चन से बात की और उनसे पूछा कि किन मुद्दों पर आप कांग्रेस को चुनाव जीताने के इरादे से यहां घूम रहे हैं तो बाला बच्चन का जवाब था कि आदिवासी बहुल झाबुआ जिला उन जिलों में से एक है जहां स्वर्गीय इंदिरा गांधी और राजीव गांधी अपना प्रचार अभियान यहीं से प्रारंभ करते थे। और इसलिए आज भी आदिवासियों के दिलों में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तीनों बसे हुए हैं। बाला बच्चन ने बताया कि कल्याणपुरा एक ऐसा गांव है जहां पिछले चुनाव में कांग्रेस को मात्र 100 वोट मिले थे। अब उसी कल्याणपुरा में एक हजार लोग कांग्रेस ज्वाइन करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ का इंतजार कर रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि परिवर्तन और झुकाव दोनों कांग्रेस के पक्ष में तैयार हो गया है। बाला बच्चन ने मुद्दों की बात पर बताया कि आदिवासी भाई-बहनों की संपत्ति, जमीन-जायदाद और गहने गिरवी रखे साहूकारों से उन्हें मुक्त कर दिया गया है। अब सरकार उन साहूकारों द्वारा आदिवासियों का ब्याज के रूप में शोषण समाप्त करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने बताया कि जिन आदिवासियों का गहना, जमीन ऋण से मुक्त हो गया है वे अब कांग्रेस के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। बाला बच्चन ने कहा कि झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का 8.80 करोड़ रुपए एकमुश्त स्वीकृत हो जाना आदिवासियों में उत्साह का कारण है। बाला बच्चन ने ये भी कहा कि जिन किसानों के 2 लाख रुपए तक के ऋण माफ हो गए हैं वे तो सब कांग्रेस का झंडा उठाकर घूम रहे हैं। गृहमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी तो दो भागों में बंटी हुई है। भाजपा के बागी उम्मीदवार से कांग्रेस को फायदा मिल रहा है। बाला बच्चन ने कहा कि जीत कितनी बड़ी होगी, इसका वे दावा नहीं कर सकते लेकिन जीत पक्की है और 20 हजार से अधिक मतों से जीतेंगे, ये उनका विश्वास है। आगे तो चुनाव परिणाम बताएगा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ का जादू और उनके फैसलों का असर झाबुआ जिले में कितना व्यापक रूप से पड़ा है। विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब ये है कि कांतिलाल भूरिया की जीत के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जिसे हनुमान बनाकर भेजा है वो दिनरात मैदान में डटे हुए हैं और दावा कर रहे हैं कि जीत कांग्रेस की ही होगी और कमलनाथ सरकार के पास 24 अक्टूबर के बाद 116 सीटों का संपूर्ण बहुमत होगा।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।