मां सिद्धिदात्री की उपासना से सर्वकार्य होते हैं सुलभ

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. कहते हैं कि सिद्धिदात्री की आराधना करने से सभी प्रकार के ज्ञान आसानी से मिल जाते हैं। शारदीय नवरात्रि प्रतिपदा से शुरू होकर का नौवे दिन भक्ति के चरम पर पहुंच जाती है। इस दिन माता सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। देवी की आराधना में मन लगाकर आठ दिनों तक भक्तिभाव से परिपूर्ण रहने पर भक्त को नौवे दिन सिद्धियों की प्राप्ति होती है। साधक के सभी कार्य सुलभ हो जाते हैं और जीवन सफलताओं से भर जाता है। नौवें दिन सिद्धिदात्री को मौसमी फल, हलवा, पूरी, काले चने, ऋतुफल और नारियल का भोग लगाएं। नवरात्रि के दिन देवी आराधना के साथ नवरात्रि की उपासना का समापन किया जाता है। माता सिद्धिदात्री की उपासना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।