संचालक जनसंपर्क और माध्यम में अतिरिक्त प्रबंध संचालक की कुर्सी पर नजर….


मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जमाना ऐसा था कि प्रमुख सचिव एसके मिश्रा जिस आईएएस या जिस आईपीएस अधिकारी पर उंगली रख देते थे, उसे संचालक जनसंपर्क और माध्यम का अतिरिक्त प्रबंध संचालक बना दिया जाता था। इसी के चलते आईपीएस अधिकारी आशुतोष सिंह काफी समय तक संचालक जनसंपर्क रहे और माध्यम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक का काम भी किया। हालांकि आशुतोष की रुचि जनसंपर्क में बिलकुल नहीं थी, लेकिन रिश्ता कुछ ऐसा निकला कि जनसंपर्क की निगरानी के लिए उन्हें बैठा दिया गया। अब सरकार शिवराज की नहीं है, विजनरी और कामर्शियल हस्ती मुख्यमंत्री कमलनाथ की है, जिनकी सोच है कि हर फैसले का फायदा सरकार को मिलना चाहिए और विशेष रूप से जब सरकार की सकारात्मक छबि बनाने का मामला हो तो मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दोनों गंभीर हो जाते हैं। सूत्रों के अनुसार उपरोक्त खाली कुर्सी के लिए मुख्य सचिव ने लंबे समय से यह महसूस किया है कि जनसंपर्क आयुक्त पी. नरहरि के पास काम का बोझ बहुत ज्यादा है, इसलिए प्रमुख सचिव और आयुक्त के बीच में एक संचालक जनसंपर्क/माध्यम का अतिरिक्त प्रबंध संचालक कोई होनहार युवा आईएएस अधिकारी जरूर होना चाहिए, जो सरकार की नकारात्मक छबि जनता के बीच उभरे, उसके पहले वह कुछ ऐसा कर जाए कि सरकार की छबि सकारात्मक बन जाए। इसी के चलते संचालक जनसंपर्क और माध्यम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक के पद पर कुछ युवा आईएएस अधिकारी और एक आईपीएस अधिकारी की नजर कुर्सी पर है। यह तो वक्त ही तय करेगा कि सेतुबंद इस कुर्सी पर कौन बैठेगा, लेकिन जो भी बैठेगा वह मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती और प्रमुख सचिव जनसंपर्क संजय कुमार शुक्ल की पसंद का होगा, इसमें संदेह नहीं है। …. खबरची