55 हजार करोड़ रूपए से शुरू होगी बंदर खान की नीलामी

अभी तक 4 कंपनियों ने दिखाई रूचि, रियो टिंटो ने नहीं लिया हिस्सा
हृदेश धारवार, 9755990990
भोपाल, 18 अक्टूबर।
मध्यप्रदेश को वित्तीय संकट से उबारने के लिए मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार लगातार प्रयासरत् है। सरकार को छतरपुर के बकस्वाहा स्थित बंदर प्रोजेक्ट में करीब 60 हजार करोड़ रूपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। विभाग द्वारा हीरों के उत्खनन के लिए नीलामी की प्रक्रिया की जा रही है।
रियो टिंटो द्वारा बंदर खान से निकाले गए हीरों की प्रदर्शनी में देश की प्रतिष्ठित चार कंपनियों ने हीरों का अवलोकन किया। नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाली प्रत्येक कंपनी को अवलोकन करने, उनकी गुणवत्ता परखने और हर तरह से संतुष्ट होने का मौका दिया गया है। खनिज विभाग के आदेश पर प्रदर्शन लगाई गई थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बंदर खान के लिए न्यूनतम 55 हजार करोड़ रूपए से शुरू होगी।
इन कंपनियों ने दिखाई रूचि
हीरों की बंदर खान के लिए अडानी इंटर प्राइवेट लिमिटेड, एनएमडीसी लिमिटेड, एसएल माइनिंग एंड आदित्य बिड़ला गु्रप तथा बेदांता लिमिटेड आदि कंपनियां अपनी रूचि दिखाई है। कंपनियों के प्रतिनिधि पदर्शनी में रखे गए हीरों का अवलोकन कर चुके हैं।

रियो टिंटो ने नहीं लिया नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा
गौरतलब है कि बंदर प्रोजेक्ट में हीरों के भंडार का पता अस्ट्रेलियाई कंपनी रियो टिंटो ने लगाया था। इसमें कंपनी द्वारा 60 हजार करोड़ के हीरे डिपॉजिट होने का अनुमान लगाया था, लेकिन माइनिंग लीज न मिल पाने से उसने प्रोजेक्ट समेटकर यहां से निकाले गए 2 हजार 761.6 कैरेट के हीरे पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में जमा कराए थे। इस बार रियो टिंटों कंपनी ने नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया है।