मंत्री तो जेल भिजवा के मानेंगे…


इन दिनों प्रदेश के एक महकमे के अधिकारी अपने विभागीय मंत्री से बुरी तरह प्रताडि़त महसूस कर रहे हैं। दरअसल मंत्री विभाग में अपना दबदबा कुछ ज्यादा ही कायम रखना चाह रहे हैं और उनकी कुछ डिमांड तो इतनी अव्यवहारिक होती हैं कि यदि अधिकारी उसका पालन करें तो उन्हें जेल जाने से कोई भी नहीं बचा सकता। दरअसल मंत्री पूर्व में अपनी ही पार्टी के एक कद्दावर नेता से भिड़कर काफी प्रसिद्धि तो पा चुके हैं, लेकिन मंत्रिमंडल में उनका स्थान बचा रहेगा, इसमें संशय है। ताजा मामला विभाग से जुड़े एक ठेके का है जिसमें लगभग 60 करोड़ का ठेका मंत्री अपने किसी नजदीकी को दिलाना चाहते हैं। इसमें किसी को कोई शिकायत नहीं है, लेकिन मंत्री जी बिना निविदा प्रकाशन और ऑन लाइन की प्रक्रिया किए हुए ही सीधे ही वर्क आर्डर दिलाना चाहते हैं। आला अधिकारियों के हाथ-पांव बस मंत्री की इसी चाहत से फूल रहे हैं। यदि आदेश का पालन हुआ तो जेल जाना तय और यदि नहीं माना तो मंत्री से विवाद तय। उल्लेखनीय है कि यह वाक्या वनमंत्री उमंग सिंघार अथवा हनी बघेल को लेकर नहीं लिखा गया है।
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