जिनके घर शीशे के हों उन्हें दूसरों के घरों में पत्थर फेंकने का हक नहीं…


मध्यप्रदेश की नौकरशाही में कुछ दिनों पहले घटी हनी ट्रैप जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की चर्चा अब दबी जुबान पर होने लगी है। भारतीय पुलिस सेवा के जिस पुलिस अधिकारी ने हनी ट्रैप मामले को ओस की एक बूंद की तरह समाप्त कर दिया था, उसी बूंद को लेकर एक दूसरे पुलिस के बड़े अफसर ने जबरदस्ती कोहराम मचा दिया था। दूसरी तरफ एक वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यह संकेत देने की कोशिश की कि मुख्य सचिव चाहें तो उन लोगों को ठीक से समझा दें जिनके घर शीशे के ही बने हों। उक्त महिला आईएएस अधिकारी का मानना था कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं उन्हें दूसरे के घरों में पत्थर फेंकने का हक नहीं होता। उल्लेखनीय है कि यह वाक्या अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती गौरी सिंह को लेकर नहीं लिखा गया है। …. खबरची