मैग्नीफिसेंट बनेगा मील का पत्थर…


विशेष संपादकीय
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती के लिए यह एक सुखद संकेत है कि कल इंदौर में संपन्न हुआ ‘मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेशÓ आने वाले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित हो जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सैकड़ों दावे, 13 साल की सरकार में कई बार सार्वजनिक रूप से जनता के सामने प्रस्तुत किए गए कि उन्होंने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकाला है और मध्यप्रदेश की विकास दर 8 प्रतिशत से ज्यादा पहुंचाने में उनकी सरकार ने कामयाबी हासिल की है, गलत निकला। परंतु कल मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश के आयोजन में आए देश के जाने-माने 10 उद्योगपतियों ने और लगभग 100 से अधिक औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों ने यह विश्वास जताया कि अब मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार पर इस बात को लेकर भरोसा किया जा सकता है कि पूंजी निवेश के लिए यहां का वातावरण प्रदूषण मुक्त हो गया है। प्रदूषण का तात्पर्य यह है कि पिछली सरकारों में जिसमें कांग्रेस की दिग्विजय सरकार भी शामिल है, उद्योगपतियों को यह भरोसा दिलाने में कामयाब नहीं थे कि मध्यप्रदेश में लालफीताशाही से उद्योगपतियों को मुक्त रखा जाएगा, लेकिन पहली बार टू-द-प्वाइंट अपना पक्ष रखने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने यह भरोसा कायम कर दिया है कि मध्यप्रदेश में जो भी औद्योगीकरण की दिशा में राज्य सरकार के साथ सकारात्मक इरादे से हाथ मिलाएगा, उसे नौकरशाहों के चक्करों से मुक्त रखा जाएगा। यही कारण है कि जब मुकेश अंबानी, आदि गोदरेज, झुनझुनवाला, राजेन्द्र गुप्ता जैसे बड़े उद्योगपतियों ने अपने-अपने भाषण में साफ-साफ कह दिया कि यह मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश नहीं बल्कि ‘कमलनाथ शोÓ है, जिसमें वे पूरी ईमानदारी के साथ पूंजी निवेश के लिए तैयार होकर आए हैं। मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती के नेतृत्व में उनकी टीम के प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनसंपर्क संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव पर्यटन फैज अहमद किदवई और जनसंपर्क आयुक्त पी. नरहरि और इंदौर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी तथा कलेक्टर लोकेश जाटव का एक सप्ताह से लगातार दिन-रात इस बात की चिंता करना कि मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में कोई भी उद्योग प्रतिनिधि को नाराज नहीं होना चाहिए, इसलिए उन्होंने अपनी भूमिका भी पूरी ईमानदारी के साथ निभाई। और तो और, उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश सरकार से नियमों को शिथिल करते हुए क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसका रोड मैप भी मोहंती के ही निर्देश पर तैयार किया गया था, जिसका उद्योग जगत में ऐसा संदेश गया है कि आने वाले समय में यदि मुख्यमंत्री कमलनाथ के विजनरी मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश की शुरूआत कामयाब हुई तो निश्चित रूप से मध्यप्रदेश गुजरात से भी बेहतर विकासशील राज्य बन जाएगा, लेकिन मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को दो और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करना पड़ सकता है, वह यह पहला कि मध्यप्रदेश की आम जनता को सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निचली नौकरशाही के भ्रष्टाचार से कैसे मुक्ति मिलेगी और दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि क्या मध्यप्रदेश में ‘डिस-इन्वेस्टमेंटÓ की जरूरत है, इस पर विचार करना ही होगा। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को मीडिया का अनुशासित सहयोग ऐसा ही मिल जाएगा जैसा कल मिला। लेकिन आप चीन का उदाहरण लें तो वहां पर आम जनता को सुविधा पहुंचाने के लिए कानून इतने सख्त हैं कि वाइट कॉलर अपराधी बच ही नहीं पाते, मीडिया को ऐसी सरकार मप्र में भी चाहिए। रसिया के पुतिन का उदाहरण ले लें तो उन्होंने बड़े-बड़े घरानों से व्यवसायिक संबंध जितने बेहतर बनाए हों आम जनता को राहत देने के लिए कानून इतने सख्त बनाए कि वहां पर बस में, ट्रेन में जाने वाले यात्री चाहे कितने भी बड़े आदमी क्यों न हों लाइन से ही आना पड़ेगा। इसलिए कमलनाथ सरकार से यह उम्मीद करना गलत नहीं होगा कि आम जनता की राहत के लिए अब कड़े कानून, कड़ी सजा और यहां तक कि किसी ने जो नहीं सोचा होगा वैसा कानून बन जाए और अपराधी सर उठा न सकें तथा स्वछंद वातावरण में माता-पिता, भाई-बहन आधी रात में भी घूम-घूम कर कहें कमलनाथ है तो सब संभव है।

विशेष संपादकीय के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।