कमलनाथ-दिग्विजय की कैमिस्ट्री बेजोड़…

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के हौसले झाबुआ चुनाव परिणाम के बाद तीसरे आसमान पर हैं। मुख्यमंत्री के रूप में किसी भी हस्ती को जिन तीन मुद्दों के ज्ञान की आवश्यकता होती है, उसमें कमलनाथ पारंगत हैं, इसमें संदेह नहीं।
बताया जाता है कि सफलतम मुख्यमंत्री के लिए ‘ला-लाजिक्स-लैंग्वेजÓ तीनों का नालेज सबसे ज्यादा जरूरी है और इन तीनों मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों में स्व. द्वारका प्रसाद मिश्र, स्व. अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के बाद कमलनाथ ऐसे मुख्यमंत्री बनकर उभर गए हैं, जिन्हें तीनों मुद्दों में 100 प्रतिशत महारथ हासिल है। सूत्रों के अनुसार जब कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने शुभचिंतकों से कहा कि तबादलों के मामले में उन्होंने दिग्विजय सिंह को जिम्मेदारी सौंप दी है, क्योंकि पूरे मध्यप्रदेश के नौकरशाही की समझ दिग्विजय को सबसे ज्यादा है। बताते हैं कि उन्होंने यहां तक भी कहा कि परिवहन, आबकारी और खनिज विभाग को आउट सोर्स कर दिया है और यह आउट सोर्स दिग्विजय सिंह है। कमलनाथ और दिग्विजय की कैमिस्ट्री का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस हाई कमान के प्रस्ताव के उलट दिग्विजय के कहने पर परिवहन आयुक्त मधुकुमार को बनाया गया, हालांकि मधुकुमार उपराष्ट्रपति के नजदीक संबंधों वाले आईपीएस अधिकारी हैं, इसका फायदा शायद राज्य के भलाई के लिए मुख्यमंत्री ने मधुकुमार को उपयोग में लाने का फैसला लिया होगा, ऐसा कहा जा सकता है। दूसरी ओर आज जब आबकारी आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव को बदलने की नौबत आई तो फिर वही हुआ, दिग्विजय मंत्रालय में बैठे हुए थे और राजेश बहुगुणा का नाम आबकारी आयुक्त के लिए तय हो गया। सूत्रों के अनुसार कमलनाथ झाबुआ चुनाव के परिणाम के बाद से बेहद खुश हैं, मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला उपचुनाव उन्होंने कांगे्रस के पक्ष में अपने 11 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियों के आधार पर जीता। सूत्रों के अनुसार आज कल में ही प्रशासनिक सर्जरी फिर से होने की खबर है, जिसमें होशंगाबाद-शहडोल, शिवपुरी जैसे जिलों को मिलाकार 7 जिला कलेक्टरों को बदला जाएगा और लगभग आधे दर्जन एसपी भी बदल दिए जाएंगे। कमलनाथ-दिग्विजय की कैमिस्ट्री आगे क्या-क्या गुल खिलाएगी, यह तो वक्त ही बताएगा, परन्तु इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि कमलनाथ के हौसले बुलंद हैं।


विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।