विधान परिषद के गठन पर सरकार का रुख उचित : बाला बच्चन


इंदौर, 30 अक्टूबर । मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने राज्य में विधान परिषद के गठन के मामले को लेकर विपक्ष की ओर से उठाये जा रहे सवालों के परिप्रेक्ष्य में आज कहा कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जो भी कर रहे हैं, वह उचित है। बच्चन ने यहां रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (आरएपीटीसी) में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि विपक्ष क्या कह रहा है, हम उसमें जाना नहीं चाहते हैं। सरकार में रहते हमें जो जिम्मेदारियां मिली हैं, उनका निर्वाहन करना हमें आता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस का जो भी निर्णय है, वो प्रदेश के हित में है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रतिद्वंद्वी क्या कह रहे हैं। हम उसमें नहीं पडऩा चाहते हैं। विधान परिषद के गठन से राज्य सरकार पर पडऩे वाले अतिरिक्त वित्तीय भार से संबंधित सवाल के जवाब में बच्चन ने कहा कि पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य पर बड़ा कर्ज छोड़कर गयी है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस ने चुनाव के पहले वचन पत्र में जो वादे किये थे, उन्हें निभाते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में विधान परिषद के गठन को लेकर गहन मंथन चल रहा है, वहीं मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसा होने पर राज्य सरकार पर अतिरिक्त और अनावश्यक वित्तीय भार आएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का
निर्णय सोनिया गांधी को लेना है

गृहमंत्री बाला बच्चन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर दावेदारी को लेकर जारी घमासान पर कहा कि पार्टी की सर्वोच्च नेत्री श्रीमती सोनिया गांधी को इस पर निर्णय लेना है। बच्चन ने आज यहां संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुये कहा कि श्रीमती गांधी का प्रदेश अध्यक्ष पद हेतु लिया गया अंतिम निर्णय हम सभी को मान्य होगा। उन्होंने कांतिलाल भूरिया को अध्यक्ष बनाये जाने के बयान पर कहा कि हम सभी मंत्री, संगठन के पदाधिकारी बाद में हैं, इससे पहले कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी निर्णयों को लेने का दायित्व कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को हैं। उन्होंने दोहराया कि श्रीमती गांधी ही इस पर निर्णय लेगी। इसके पहले प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भूरिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिये उपयुक्त चेहरा बताया था। बच्चन ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की आगामी 4 नवम्बर को कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती गांधी से होने वाली मुलाकात सामान्य और नियमित भेंटवार्ता है।