राजनीतिक पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए लिया था फैसला : शिवराज

प्रहलाद लोधी के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-

भोपाल, 7 नवंबर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रहलाद लोधी के मामले में विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति पर निशाना साधते हुए कहा कि एक राजनीतिक पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए बिना विधि विशेषज्ञ की राय लिए फैसला लिया गया था।
उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि न्याय के मंदिर में हमें न्याय मिला है। हमें अपनी न्याय पालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि विधान सभा के अध्यक्ष का पद संवैधानिक पद है। लोकतंत्र के लिए वो पवित्र आंसदी है। हम न्यायालय गए। हमें न्याय मिला। अध्यक्ष जी उस आसंदी के गरिमा पर अब आंच नहीं आने देंगे। विधान सभा अध्यक्ष को अब फैसला स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जल्दबाजी में गलत निर्णय किया था। यह निर्णय पार्टी के दबाव में अपने अधिकार से बाहर जाकर विधानसभा अध्यक्ष ने किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सजा पर स्टे मिल गया है, प्रहलाद लोधी की सदस्यता बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधायक लोधी को कोर्ट में जाने का तक का समय नहीं दिया था।

मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछे सवाल
शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सरकारी सेवा के कई पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार ने कोई विज्ञापन नहीं निकाला। जिसकी वजह से प्रदेश के युवा ओवरएज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को युवाओं की चिंता करना चाहिए और नौकरियों में भर्तियां में शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 11 महीने हो गए हैं, रिक्त पदों के लिए भी विज्ञापन नही निकले हंै। बेरोजगारी भत्ता दे नहीं रहे हैं। जो रिक्त पद हैं, उनको तो भर देते। शिवराज सिंह चौहान ने सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदमी ही नहीं, जानवरों को भी नहीं छोड़ा। संबल योजना बन्द कर जनता का नुकसान किया। अब संजीवनी योजना पर टैक्स लगाकर उन्हें भी नहीं छोड़ रही है। दारू पर टैक्स लगा दिया, अब क्या सरकार जीने पर भी टैक्स लगाएगी।